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मेरठ में दो पदिन पहले पहले हुई बारिश और तेज हवाओं ने जिले में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। तापमान में उतार-चढ़ाव के बीच लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 18 मार्च को एक बार फिर बारिश के आसार बने हुए हैं।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से यह बदलाव देखा गया है। बारिश के बाद चली तेज हवाओं ने रात के तापमान में गिरावट दर्ज कराई है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला के अनुसार दिन का अधिकतम तापमान 30.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम वैज्ञानिक डॉ. एम शमीम ने बताया कि अगले 24 घंटों में मौसम का यही रुख बना रह सकता है और 18 मार्च को फिर से हल्की बारिश होने की संभावना है।
फसलों को मिला फायदा, लेकिन नुकसान भी
बारिश से जहां एक ओर खेतों में नमी बढ़ी है, वहीं गेहूं, सरसों और चने की फसलों को इससे फायदा भी मिला है। नमी बढ़ने से फसलों की बढ़वार में मदद मिलेगी।
हालांकि, बहसूमा और खादर-बांगर क्षेत्रों में बेमौसम बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी गेहूं और सरसों की फसल गिर गई है, जिससे उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है। किसानों का कहना है कि पैदावार में 2 से 3 क्विंटल प्रति एकड़ तक की कमी आ सकती है। हस्तिनापुर कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी राकेश तिवारी के अनुसार, इस तरह की बारिश फसलों पर मिश्रित प्रभाव डालती है। जहां हल्की बारिश फायदेमंद होती है, वहीं ओलावृष्टि और तेज हवा उत्पादन को प्रभावित कर सकती है।
प्रदूषण स्तर में आई कमी
बारिश के बाद हवा साफ होने से प्रदूषण स्तर में भी सुधार हुआ है। मेरठ का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 101 दर्ज किया गया।
गंगानगर: 116
जयभीमनगर: 80
पल्लवपुरम: 107
दिल्ली रोड: 109
बेगमपुल: 105
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मेरठ में बदलते मौसम से गिरा तापमान, घटा प्रदूषण स्तर:18 मार्च को फिर बारिश के आसार- गेहूं-सरसों की फसल गिरने से बढ़ी किसानों की परिशानी