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मुजफ्फरनगर में भीषण गर्मी के साथ अब प्रदूषण भी लोगों की मुश्किलें बढ़ाने लगा है। सोमवार को जनपद का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI बढ़कर 210 तक पहुंच गया। गर्मी और खराब हवा की गुणवत्ता ने लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल कर दिया है। रविवार के मुकाबले सोमवार को हवा की रफ्तार भी काफी धीमी रही। जहां रविवार को 24 किलोमीटर प्रति घंटा हवा चली थी, वहीं सोमवार को यह घटकर महज 13 किलोमीटर प्रति घंटा रह गई। हवा की गति कम होने से उमस और गर्मी अधिक महसूस हुई, वहीं प्रदूषण भी वातावरण में बना रहा। सांस के मरीजों को ज्यादा खतरा भीषण गर्मी और हीट वेव का असर शहर की सड़कों पर साफ दिखाई दिया। आम दिनों में भीड़ से भरा रहने वाला भगत सिंह रोड लगभग सूना नजर आया। शिव चौक, झांसी की रानी चौक और अन्य प्रमुख बाजारों में भी लोगों की आवाजाही कम दिखाई दी। दोपहर के समय अधिकांश लोग घरों में ही कैद रहे। गर्मी और धूल-प्रदूषण से बचने के लिए लोग साफा, मास्क, सूती कपड़े और आंखों पर गॉगल्स का इस्तेमाल करते नजर आए। दोपहिया वाहन चालकों ने चेहरे को पूरी तरह ढककर सफर किया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ते तापमान और खराब AQI का असर बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों पर ज्यादा पड़ सकता है। लोगों को अधिक पानी पीने, धूप से बचने और जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी जा रही है।
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मुजफ्फरनगर में गर्मी के साथ प्रदूषण की डबल मार:AQI 210 और तापमान 42 डिग्री किया गया रिकॉर्ड, लू ने बढ़ाई उमस