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मध्य प्रदेश से राज्यसभा सीट के लिए मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद चुनाव आयोग (ECI) की चुप्पी ने कांग्रेस की धड़कनें बढ़ा दी हैं। सूत्रों के अनुसार आयोग इस मामले में कानूनी राय लेने के बाद फैसला करेगा। अब 11 जून (गुरुवार) को दोपहर 3 बजे तक का समय सबसे अहम माना जा रहा है, क्योंकि यही नाम वापसी की अंतिम समय-सीमा है। यदि तब तक आयोग कांग्रेस के पक्ष में कोई फैसला नहीं करता या खामोश ही रहता है तो भाजपा उम्मीदवार महेश केवट का निर्वाचन तय हो जाएगा, यानी प्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटें भाजपा बिना लड़े जीत जाएगी। कांग्रेस गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेगी। यदि चुनाव आयोग से राहत नहीं मिलती है तो पार्टी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएगी। हालांकि केवल कोर्ट जाने से चुनाव प्रक्रिया नहीं रुकेगी। 1. आयोग नामांकन बहाल करता है तो चुनाव फिर मुकाबले में बदल जाएगा पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत के अनुसार, यदि चुनाव आयोग यह मानता है कि नामांकन निरस्त करने में त्रुटि हुई है तो वह स्पष्ट आदेश जारी कर मीनाक्षी नटराजन का नामांकन वैध घोषित कर सकता है। ऐसे में फिर से वोटिंग होगी। 2. आयोग राहत नहीं देता तो भाजपा उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन होगा यदि आयोग हस्तक्षेप नहीं करता या रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले को बरकरार रखता है, तो मीनाक्षी चुनाव से बाहर मानी जाएंगी। ऐसे में भाजपा के तीनों उम्मीदवार निर्विरोध जीतेंगे। 3. दोपहर 3 बजे का समय क्यों महत्वपूर्ण? 11 जून दोपहर 3 बजे नाम वापसी का समय है। यदि आयोग को मीनाक्षी के पक्ष में कोई फैसला देना है तो उसे इसी समय तक देना होगा। इसलिए सबकी नजर इस पर है कि फैसला कब आता है। 4. कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट गई तो क्या होगा? आयोग से राहत नहीं मिलने पर कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती है। वहां फैसले की न्यायिक समीक्षा मांग सकती है और अंतरिम राहत की भी मांग कर सकती है। हालांकि केवल याचिका दाखिल होने से चुनाव प्रक्रिया नहीं रुकेगी। यह सब सुप्रीम कोर्ट के रुख पर निर्भर करेगा। राष्ट्रपति के पास जाने से कांग्रेस को क्या मिलेगा? राष्ट्रपति से मिलकर कांग्रेस गलत तरीके से नामांकन निरस्त करने का मुद्दा उठा सकती है। राष्ट्रपति मामले का संज्ञान लेकर चुनाव आयोग या संबंधित संवैधानिक संस्थाओं से जानकारी मांग सकते हैं। हालांकि, राष्ट्रपति सीधे चुनाव आयोग, रिटर्निंग ऑफिसर या चुनाव प्रक्रिया के किसी फैसले को रद्द नहीं कर सकते। इस मुलाकात का महत्व संवैधानिक और राजनीतिक संदेश के रूप में अधिक माना जा रहा है। क्या है मीनाक्षी नटराजन का मामला? कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन (जो कि राहुल गांधी की कोर टीम की अहम सदस्य मानी जाती हैं) का नामांकन पत्र 9 जून (मंगलवार) को स्क्रूटनी के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने खारिज कर दिया था। भाजपा की आपत्ति और आरोप भाजपा उम्मीदवार महेश केवट और पार्टी नेताओं ने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई थी। भाजपा का आरोप था कि मीनाक्षी ने अपने चुनावी हलफनामे (फॉर्म 26) में तेलंगाना की एक अदालत में लंबित एक कानूनी मामले/शिकायत की जानकारी छिपाई है। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार, हलफनामे में सभी आपराधिक या लंबित मामलों की जानकारी देना अनिवार्य है, लेकिन नटराजन का शपथ पत्र अपूर्ण पाया गया। कांग्रेस की दलील- यह केस नहीं, सिर्फ एक नोटिस है कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता और नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने चुनाव आयोग के सामने पक्ष रखते हुए कहा- मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज ही नहीं है। प्राइवेट कंप्लेंट का मामला: सिंघवी के मुताबिक, तेलंगाना में एक निजी शिकायत के आधार पर अदालत ने केवल एक कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा था कि संज्ञान क्यों न लिया जाए? तकनीकी पहलू: कांग्रेस का कहना है कि जब तक अदालत किसी मामले में संज्ञान लेकर आरोप (Charges) तय नहीं करती, तब तक उसे लंबित आपराधिक मामला नहीं माना जा सकता। इसलिए इसे हलफनामे में लिखना अनिवार्य नहीं था। कांग्रेस ने रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले को गैर-कानूनी और सीटों की चोरी करार दिया है। भाजपा के तीनों उम्मीदवारों का निर्विरोध जीतना तय! यदि अदालत से तत्काल कोई राहत नहीं मिलती है तो आज शाम इन तीनों नेताओं को निर्विरोध राज्यसभा सांसद निर्वाचित घोषित कर दिया जाएगा। दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय में बुलाई गई बैठक इस बड़े राजनीतिक झटके और मौजूदा सियासी परिस्थितियों पर चर्चा करने के लिए दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) मुख्यालय में आज बैठक बुलाई गई है। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सभी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC Chiefs) और प्रभारी शामिल होंगे। इस बैठक में मुख्य रूप से दो मुद्दों पर रणनीति बनेगी यह खबर भी पढ़ें… मीनाक्षी का नामांकन रद्द करने का फैसला टिक पाएगा? मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र (पर्चा) खारिज कर दिया गया है। इस फैसले के बाद जहां कांग्रेस ने इसे ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार दिया है, वहीं बीजेपी इसे पूरी तरह न्यायसंगत बता रही है। बता दें, राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव होना है। दो सीटें बीजेपी के खाते में जाना तय है। पूरी खबर पढ़ें
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मीनाक्षी को ECI से कोई जवाब नहीं, SC जाएगी कांग्रेस:आज नाम वापसी का आखिरी दिन, दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय में बैठक होगी