मिलने के बहाने बुलाकर लूट करने वाले सगे भाई गिरफ्तार:डेटिंग ऐप पर आईडी बनाकर करते शिकार, गैंग के पांच सदस्य पहले पकड़े गए


लखनऊ के अलीगंज थाने में डेटिंग ऐप से दोस्ती कर लूटपाट करने वाले गैंग के दो अन्य सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। घटना में पहले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी गैंग बनाकर डेटिंग ऐप पर आईडी बनाते। जहां दोस्ती कर मिलने के बहाने बुलाकर बंधक बनाकर लूटपाट करते। पुलिस अन्य नेटवर्क खंगाल रही है। अलीगंज निवासी युवक ने बताया कि वह Grindr नाम के डेटिंग ऐप पर दोस्ती कर मिलने के बहाने बुलाते। गिरोह का एक सदस्य पहले पीड़ित के घर या कमरे में जाता था। उसके कुछ ही देर बाद गिरोह के अन्य सदस्य फोन के जरिए मैसेज रिसीव कर कमरे का दरवाजा खुलवाकर अंदर घुस जाते थे। इसके बाद गिरोह के सदस्य पीड़ित का वीडियो बनाते हुए उसे डरा-धमकाकर कहते थे कि वह नाबालिग के साथ आपत्तिजनक कृत्य करने का प्रयास कर रहा है। यदि उसने पैसे नहीं दिए तो वीडियो वायरल कर दिया जाएगा तथा पुलिस में शिकायत कर उसे जेल भिजवा दिया जाएगा। पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों खालिद अहमद (23), देवकरण सिंह (23), आकाश पांडे (21), सुभाष रावत (21) पहले गिरफ्तार किया था। इनसे पूछताछ के बाद दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया। हासेमऊ एमिटी यूनिवर्सिटी चिनहट निवासी वंश रस्तोगी पुत्र अरूण रस्तोगी (19) और ऋषभ रस्तोगी (21) को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी सगे भाई हैं। ग्राइंडर ऐप दोस्ती कर लूटपाट करते पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे लोग ऑनलाइन डेटिंग ऐप “ग्राइंडर” के माध्यम से लोगों से संपर्क करते थे। गिरोह का एक सदस्य पहले पीड़ित के घर या कमरे में जाता था। उसके कुछ ही देर बाद गिरोह के अन्य सदस्य फोन के माध्यम से संकेत प्राप्त कर कमरे का दरवाजा खुलवाकर अंदर प्रवेश कर जाते थे। इसके बाद डरा धमकाकर नकदी, मोबाइल व अन्य कीमती सामान लूटने के साथ-साथ क्यूआर कोड के माध्यम से ऑनलाइन धनराशि भी ट्रांसफर करा लेता था। आरोपियों ने अन्य घटनाओं की बात भी कबूल की है।

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