मानसून में देरी, सिकंदरपुर माइनर सूखी:कानपुर देहात में धान रोपाई प्रभावित, इंजन से सिंचाई को मजबूर किसान


कानपुर देहात के रसूलाबाद क्षेत्र में मानसून में देरी और सिकंदरपुर माइनर में पानी की कमी से किसान परेशान हैं। जुलाई का पहला सप्ताह शुरू होने के बावजूद पर्याप्त बारिश नहीं हुई है और माइनर में भी पानी नहीं पहुंचा है। इससे धान की रोपाई प्रभावित हो रही है, और किसानों को महंगे डीजल इंजन से सिंचाई करनी पड़ रही है। सिकंदरपुर माइनर से जुड़े गदाईपुर, नैला कटरा, कसमड़ा, विजयपुर, सरैया, बहेलियन पुरवा और कुशल पुरवा सहित कई गांवों के किसान पानी की कमी से जूझ रहे हैं। उनका कहना है कि खेतों में पर्याप्त पानी न होने के कारण धान की रोपाई समय पर नहीं हो पा रही है। इससे खेती की लागत बढ़ रही है और किसानों को आर्थिक नुकसान की आशंका है। नैला कटरा के किसान सगीर ने बताया कि मानसून की उम्मीद के बावजूद बारिश नहीं हुई और सिंचाई विभाग ने भी माइनर में समय पर पानी नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि एक बीघा खेत की सिंचाई में 400 से 500 रुपये का डीजल खर्च आता है। कुछ दिनों बाद खेत फिर सूख जाते हैं, जिससे दोबारा सिंचाई करनी पड़ती है। इससे धान की पौध के सूखने का खतरा बना हुआ है।
किसान रामबाबू, विमलेश और जाकिर सहित कई किसानों ने सिंचाई विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने मांग की है कि सभी माइनरों में तत्काल पानी छोड़ा जाए, ताकि धान की रोपाई समय पर पूरी हो सके और किसानों को संभावित नुकसान से बचाया जा सके। इस बीच, सिंचाई विभाग ने किसानों को जल्द राहत मिलने का दावा किया है। सहायक अभियंता राजेश यादव के अनुसार, माइनर में पानी छोड़ दिया गया है और उम्मीद है कि कल तक सिकंदरपुर माइनर में पानी पहुंच जाएगा। किसान अब विभाग के इस दावे पर नजर बनाए हुए हैं।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *