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अब जाकर दिल को सुकून मिला, उस दर्रिंदे को फांसी ही मिलनी चाहिए। उसे मौत की सजा मिल गई। मेरी इकलौती बच्ची थी। तीन साल की बेचारी। उसके साथ घिनौना काम किया, मार डाला। मेरे दो बेटे हैं, बेटी एक ही थी। रक्षा बंधन आता है, तो दोनों लड़के बहन को याद कर रोते हैं। बहन होती तो हर साल रखी बांधी। हम रक्षा बंधन पर उसकी फोटो निकाल बस रोते हैं। यह प्रयागराज की रहने वाली उस मां का गुस्सा है, जिसकी तीन साल की मासूम बच्ची के साथ रिश्तेदार ने ही रेप कर उसे मार डाला था। 2020 में बेटी की लाश देख वह कांपते हुए बेहोश हो गई थी। तब से आंसू बहाते हुए वह दर्रिंदगी करने वाले आरोपी को सजा मिलने की प्रार्थना करती रही। पति को कचहरी और वकील के पास भेजती, लौटने पर पूछती कहा हुआ, कबहिं सजा मिली। अब रेप हत्याकांड के 6 साल बाद उसकी प्रार्थना सुनी गई और आरोपी को फांसी की सजा सुनाई गई है। बच्ची के पूरे परिवार की आंखों में खुशी के आंसू हैं। कोर्ट से फांसी होने की खबर मिलते ही परिवार वालों ने खासकर मां और भाइयों ने बच्ची की फोटो निकाल उसे निहारना शुरू कर दिया। पढ़ने पूरी रिपोर्ट… पहले जानिए रेप और हत्या का पूरा मामला
प्रयागराज के हंडिया इलाके की यह जघन्य घटना 12 जून 2020 को हुई थी। तीन साल की मासूम बच्ची घर के पास खेल रही थी। तभी रिश्ते में चाचा लगने वाला तब 19 साल का गगन (अब 25 साल) उसे खिलाने लगा। फिर टॉफी दिलाने ले गया। टॉफी खिलाने और हाथ में देने के बाद वह बच्ची को खेत के पास झाड़ियों में ले गया और मुंह दबाकर उसके साथ रेप किया। इसके बाद पहले सिर पर ईंट मारा फिर गला घोंटकर हत्या कर दी। उधर शाम के बाद बच्ची कहीं नजर नहीं आई तो घरवालों ने तलाश शुरू की। दूसरे दिन झाड़ियों के बीच मासूम की लाश बरामद हुई। दसवीं फेल है आरोपी
आरोपी गगन 10वीं फेल है। उसके पिता रामलाल खेती किसानी करते हैं। उसके तीन भाई कन्हई, पवन, लवकुश हैं। दो बहनें नगीना और लाजो हैं। गगन की शादी नहीं हुई है। मासूम बच्ची और आरोपी रिश्तेदारी में हैं। यहां तक की गगन बच्ची के पिता की बारात में भी गया था। परिवार के साथ उसकी कई फोटो भी है। दोनों के घर की दूसरी 50 मीटर से भी कम है। पिता बोले- तुरंत फांसी देनी चाहिए
बच्ची के पिता ने कहा- अब इंसाफ मिला है। उसे तो तुरंत फांसी देनी चाहिए। जितनी जल्दी हो वह फांसी पर चढ़े। जज साहब जो फैसला सुनाए हैं, सुनकर अच्छा लगा, हम धन्यवाद ही दे सकते हैं। ऐसा घिनौना काम किया, छोटी बच्ची से दुष्कर्म कर मार डाला। वह फांसी के लायक ही था। दो भाई, अब बहन को तरस रहे
जिस मासूम बच्ची की रेप के बाद हत्या हुई उसके दो भाई हैं। एक 11 साल का और दूसरा 7 साल का। बच्ची की हत्या से पहले उसके बड़े भाई की उम्र 5 साल थी जबकि वह तीन साल की थी। वह बड़े भाई को राखी बांध चुकी थी। दूसरे भाई की उम्र इस वक्त 7 साल है। तब वह बहन से छोटा था। आरोपी की मां बोली- हम हाईकोर्ट जाएंगे
फांसी की सजा पाए गगन कुमार की मां रामकली देवी का कहना है कि उसे फंसा दिया गया। ये लोग दुश्मनी रखे थे। केस लड़ रहे थे अब फांसी दे दिए। हम बेटे को बचाने के लिए हाईकोर्ट में अपील करेंगे। वकील से बात हुई है। विशेष पॉक्सो कोर्ट दी फांसी
प्रयागराज की विशेष पॉक्सो कोर्ट ने तीन साल की मासूम बच्ची से रेप और हत्या के आरोपी को फांसी की सजा सुनाई है। करीब छह साल पुराने दुष्कर्म एवं निर्मम हत्या के मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने सोमवार को फैसला आया। कोर्ट ने दोषी पाए गए गगन कुमार को फांसी की सजा सुनाई। न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376ए (दुष्कर्म के परिणामस्वरूप मृत्यु) तथा धारा 302 (हत्या) दोनों अपराधों में अलग-अलग मृत्युदंड का आदेश पारित किया। प्रत्येक अपराध के लिए 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। न्यायालय ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पीड़िता के वैधानिक उत्तराधिकारियों को दो लाख रुपये की प्रतिकर राशि उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया है। यह निर्णय अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) विनोद कुमार चौरसिया ने राज्य सरकार की ओर से एडीजीसी (क्रिमिनल) विनय कुमार त्रिपाठी, बचाव पक्ष के अधिवक्ता गण के तर्कों को सुनकर एवं पत्रावली पर उपलब्ध सबूतों का अवलोकन करने के बाद दिया। कोर्ट ने कहा-अत्यंत जघन्य, अमानवीय
दोषी ठहराए जाने और सजा सुनाने के दौरान कोर्ट ने कहा कि तीन वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या किया जाना अत्यंत जघन्य, अमानवीय और समाज की अंतरात्मा को झकझोर देने वाला अपराध है।
ऐसे मामलों में कठोरतम दंड ही न्याय के उद्देश्य की पूर्ति कर सकता है। इसी आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोनों प्रमुख धाराओं में मृत्युदंड सुनाया। साक्ष्य और सबूतों पर फैसला
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, वैज्ञानिक एवं फोरेंसिक साक्ष्य एकत्र किए तथा पोस्टमार्टम कराया। चिकित्सीय परीक्षण में दुष्कर्म और गला दबाकर हत्या किए जाने के संकेत मिले। पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोपी के विरुद्ध धारा 376ए, 302 आईपीसी तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 5/6 के तहत आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। गवाही हुई, बचाव पक्ष के पास नहीं थी दलीलें
विचारण के दौरान अभियोजन ने पीड़िता के पिता, माता, दादी, पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक, विवेचक सहित कुल 13 गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय ने मौखिक, चिकित्सीय, वैज्ञानिक, दस्तावेजी एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का गहन परीक्षण किया। अदालत ने पाया कि अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य परस्पर संगत, विश्वसनीय और आरोपी के अपराध को संदेह से परे सिद्ध करने वाले हैं। इसके बाद आरोपी को दोषी ठहराया गया। —————————–
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मां बोली- फांसी से सुकून, रक्षाबंधन पर भाई रोते हैं:प्रयागराज में बच्ची रेप के बाद हत्या हुई थी, सजा सुनाए जाने आरोपी की मां बोली- हाईकोर्ट जाएंगे