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कल्याणपुर रेलवे स्टेशन में चलती ट्रेन में पैर फिसलने की वजह से गाड़ी की चपेट में आई महिला की मौत के बाद शुक्रवार को पीएचडी कर रहे पुरुष मित्र ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दरअसल, महिला की जान बचाने के चक्कर में पुरुष मित्र भी ट्रेन की चपेट में आ गया था। जीआरपी ने परिजनों को घटना की जानकारी देकर शव पोस्टमार्टम भिजवाया। वहीं शुक्रवार देर शाम महिला का पोस्टमार्टम कराया गया, जहां दिल्ली से मृतका के बेटे, बेटियों समेत अन्य रिश्तेदार पहुंचे। परिजनों ने बताया कि महिला 15 सालों से पति से अलग रह रही थी। कानपुर यूनिवर्सिटी से कर रहा था पीएचडी मूलरूप से देविरया और हाल रूप से गाजियाबाद नंदग्राम के आई-92 औंरा सिनेमेरा राजनगर एक्सटेंशन निवासी 40 वर्षीय रामेश्वर गुप्ता कानुपर विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रहे थे। गुरुवार रात वह गाजियाबाद में पड़ोस में रहने वाली बबिता त्यागी को छोड़ने कल्याणपुर स्टेशन आए थे। चलती ट्रेन में चढ़ने के दौरान बबिता का पैर फिसल गया, ट्रेन के नीचे उन्हें आता देख रामेश्वर ने बचाने की कोशिश की, जिससे बबिता के साथ वह भी ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसे में जहां बबिता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि शुक्रवार सुबह रामेश्वर ने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। भाई की मौत पर गाजियाबाद से रमाशंकर शहर पहुंचे। उधर, शुक्रवार को मां बबिता का पोस्टमार्टम होने के दौरान कल्याणपुर के राजीव नगर में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा बेटा दक्ष को रो-रोकर बुरा हाल हो गया। विवाद की बात से परिजनों ने किया इंकार जीआरपी पुलिस ने बताया कि महिला को बचाने में युवक भी ट्रेन की चपेट में आ गया था, जिस कारण उसकी भी जान चली। दोनों में विवाद की बात स्पष्ट नहीं है। रामेश्नर की मौत के बाद परिजनों को सूचना देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है।
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महिला को बचाने में PhD स्कॉलर युवक की भी मौत:कल्याणपुर स्टेशन पर चलती ट्रेन में चढ़ते समय पैर फिसला था, युवक ने अस्पताल में दम तोड़ा