मनरेगा मजदूरों का पैसा प्रधान के खाते में भेजा:बस्ती में ग्राम सचिव निलंबित, वित्तीय अनियमितता का आरोप


बस्ती के कप्तानगंज विकास खंड की ग्राम पंचायत पटखौली राजा में मनरेगा मजदूरों की मजदूरी और विकास कार्यों की धनराशि के भुगतान में अनियमितता सामने आई है। इस मामले में जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) अजय कुमार सिंह ने ग्राम सचिव उदितांशु शुक्ला को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। ग्राम प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार पहले ही प्रतिबंधित किए जा चुके थे। यह कार्रवाई सेमरा दुबौली दूबे निवासी विजय कुमार यादव की शिकायत के बाद की गई। यादव ने जिलाधिकारी से ग्राम पंचायत में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत की थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर उप कृषि निदेशक, जिला लेखा परीक्षा अधिकारी और सहायक अभियंता आरईडी की एक संयुक्त टीम ने मामले की जांच की। जांच में कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं, जिसके बाद ग्राम सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। जांच रिपोर्ट के अनुसार, ग्राम पंचायत में मनरेगा, राज्य वित्त, पंचम वित्त और 15वें वित्त आयोग की धनराशि के भुगतान में गंभीर लापरवाही पाई गई। रिपोर्ट में बताया गया कि विभिन्न विकास कार्यों में लगे मजदूरों की लगभग 1.69 लाख रुपये की मजदूरी सीधे ग्राम प्रधान के व्यक्तिगत खाते में भेज दी गई थी। यह राशि सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जानी चाहिए थी, जैसा कि शासन की स्पष्ट व्यवस्था है। इस नियम का उद्देश्य किसी भी प्रकार की कटौती या भ्रष्टाचार की संभावना को खत्म करना है। जांच में यह भी पुष्टि हुई कि कई कार्यों को कराए बिना ही उनका भुगतान कर दिया गया था। अधिकारियों ने इसे शासनादेशों का स्पष्ट उल्लंघन और गंभीर वित्तीय अनियमितता माना। ग्राम सचिव द्वारा नोटिस के जवाब में दिया गया स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया, जिसके बाद उनके निलंबन की कार्रवाई की गई। डीडीओ अजय कुमार सिंह ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच खंड विकास अधिकारी विक्रमजोत को सौंपी गई है। जांच पूरी होने तक उदितांशु शुक्ला को विक्रमजोत ब्लॉक से संबद्ध किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता के रूप में आधा वेतन मिलेगा।

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