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इटावा के पीएलआई (परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव) और पांच दिवसीय बैंक कार्य दिवस लागू करने की मांग को लेकर शुक्रवार को जिले के सरकारी बैंक कर्मचारियों ने हड़ताल कर बैंकों में तालाबंदी की। सुबह से ही बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहा। एसबीआई की मुख्य शाखा शास्त्री चौराहा पर करीब दो सैकड़ा अधिकारी और कर्मचारियों ने धरना देकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। जिले की करीब 100 बैंक शाखाएं बंद रहीं, जबकि 700 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहे। धरने पर मौजूद यूएफयू के जिला सह समन्वयक शशांक शर्मा और जिला मंत्री राजीव सिंह ने कहा कि बैंककर्मी सरकार से कोई खैरात नहीं मांग रहे हैं। बैंक में जनता का पैसा जमा है और कर्मचारी उसी जनता की सेवा के लिए काम करते हैं। उन्होंने कहा कि पांच दिवसीय कार्य दिवस लागू करने की मांग बैंक का समय कम करने की नहीं है। कर्मचारियों का कहना है कि काम के दबाव के बावजूद वे ग्राहकों को बेहतर सेवा देने के लिए तैयार हैं। बैंककर्मियों ने कहा कि पांच दिवसीय कार्य दिवस लागू होने के बाद भी ग्राहकों के काम में परेशानी नहीं आने दी जाएगी। कर्मचारियों के अनुसार यदि जरूरत होती है तो बैंक का काम शाम साढ़े पांच बजे तक किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारियों पर काम का काफी दबाव और तनाव रहता है, इसलिए पांच दिवसीय कार्य व्यवस्था लागू किया जाना जरूरी है। प्रदर्शनकारियों ने पीएलआई को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। बैंक कर्मचारियों का कहना है कि निचले स्तर के कर्मचारियों को 15 दिन का बोनस और उच्च स्तर के अधिकारियों को 365 दिन का बोनस दिया जाना उनके साथ अन्याय है। कर्मचारियों ने पीएलआई व्यवस्था में समानता और न्यायपूर्ण व्यवस्था लागू करने की मांग की। श्रशांक शर्मा और राजीव सिंह ने कहा कि पांच दिवसीय बैंक कार्य दिवस को लेकर जनवरी में सहमति बनने के बावजूद इसे अब तक लागू नहीं किया गया है। उन्होंने सरकार से दोनों मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो 26 सितंबर से तीन दिन की हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी समाधान नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।
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बैंक-कर्मियों ने दो सूत्रीय मांगों को लेकर ताला बंदी की:इटावा जिले की करीब 100 शाखाओं में कामकाज पर पड़ा असर