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बांदा में शुक्रवार को बैंक कर्मचारियों की एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का बड़ा असर दिखा। राष्ट्रीयकृत बैंकों में कामकाज पूरी तरह बंद रहा। प्रदर्शन के दौरान खुली HDFC, ICICI, Axis और बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखाओं को भी कर्मचारियों ने बंद करा दिया। बैंक कर्मचारियों ने बताया कि निजी क्षेत्र के कर्मचारी भी पांच दिवसीय बैंकिंग समेत कई मांगों का समर्थन कर रहे हैं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के बुलावे पर जिलेभर के बैंक कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल पर रहे। इसके चलते बैंकों में लेन-देन समेत अन्य कामकाज पर असर पड़ा। कर्मचारियों ने शहर में इंडियन बैंक के जोनल ऑफिस, एसबीआई के रीजनल ऑफिस और कैनरा बैंक की स्टेशन रोड शाखा के सामने प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बैंक ऑफ बड़ौदा के सहायक मंत्री और ऑल इंडिया कोऑर्डिनेटर कुलदीप यादव ने बताया कि इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और बैंक यूनियनों के बीच करीब दो साल पहले कई मांगों को लेकर लिखित समझौता हुआ था। आरोप है कि इसके बावजूद समझौते को अब तक लागू नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि हड़ताल के जरिए सरकार को चेतावनी दी जा रही है। अगर मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बैंक कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करना, रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन बढ़ाना, डीए में समानता लाना, बैंकों में कर्मचारी-अधिकारी निदेशकों की नियुक्ति और लाभ पर आधारित प्रोत्साहन योजना बंद करना शामिल हैं। यूनियन्स ने 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल और 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है। प्रदर्शन में रावेन्द्र कुमार शुक्ला, नरेंद्र कश्यप, कुलदीप यादव, आशिफ नजर्मी, शशिकांत गुप्ता, अरुण अंबेडकर, दीपक गुप्ता समेत बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी और अधिकारी शामिल रहे। प्रदर्शन की जानकारी यूपी बैंक एम्प्लाइज यूनियन के जिला मंत्री एवं संयोजक रावेन्द्र कुमार शुक्ला ने दी।
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बांदा में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल, निजी बैंक भी बंद:लेन-देन ठप रहा, 5 दिन बैंकिंग समेत कई मांगों को लेकर प्रदर्शन