बेटी के हिंदू युवक से शादी करने से बदनामी हुई:गाजियाबाद में दामाद की हत्या करने वाला ससुर बोला- गांव वालों के ताने सुई की तरह चुभते थे


‘मेरी बेटी किसी मुस्लिम युवक से भागकर शादी कर लेती, तो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। लेकिन उसने हिंदू रीति-रिवाज से दलित युवक के साथ मंदिर में शादी की। इससे हमारे परिवार की समाज में बदनामी हो रही थी। गांव वालों के ताने हमारे लिए सुई की तरह चुभते थे।’ ये बातें गाजियाबाद में अपने दामाद की पीट-पीटकर हत्या करने वाले आरोपी ससुर मेहरदीन ने कही। पुलिस पूछताछ में बुधवार को मेहरदीन ने बताया- किसी की बेटी अगर धर्म परिवर्तन करके शादी कर ले, तो उसकी समाज में कितनी बदनामी होती है, यह मैं ही बता सकता हूं। उन्होंने कहा- शादी के बाद करीब एक हफ्ते तक हमारे घर में खाना नहीं बना। उसी समय हम बेटी और दामाद की हत्या की योजना बना रहे थे, लेकिन कामयाब नहीं हो सके। मैंने अपने बेटों से कहा कि आराम से, ठंडा करके खाओ, एक दिन जरूर बदला लिया जाएगा। रविवार को मेरी बेटी गुस्से में घर पर भागकर आई। इसके बाद हमें मौका मिल गया। सोमवार रात उसे सुलह के बहाने बुलाया और पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने हत्या के मामले में आरोपी को जेल भेज दिया। घटना लोनी थाना क्षेत्र की है। अब पढ़िए नितिन के प्रेम प्रसंग से लेकर मर्डर तक की कहानी 2 साल पहले हुई मुलाकात
बागपत निवासी नितिन राठी (32) पुत्र रामनाथ सिंह गाजियाबाद के लोनी में गीतांजलि विहार में अपने परिवार के साथ रह रहे थे। वह राजेश पायलट कॉलेज में योगा शिक्षक थे। वहीं, मेहरदीन की 22 वर्षीय बेटी मुस्कान बीएड की पढ़ाई कर रही थी। लगभग दो साल पहले कॉलेज में उनकी पहली मुलाकात हुई, जिसमें दोस्ती धीरे-धीरे प्रेम में बदल गई। इसके बाद नितिन ने मुस्कान को एक मोबाइल फोन खरीदा और कहा कि वह इसे घर पर चोरी-छिपे ही इस्तेमाल करे, अन्यथा परिवार को शक हो जाएगा। अलग-अलग धर्म के होने के कारण दोनों परिवार शादी के लिए राजी नहीं थे। करीब एक साल पहले मुस्कान घर से कॉलेज के लिए निकली, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने उसे ढूंढने की काफी कोशिश की। बाद में पता चला कि मुस्कान ने नितिन के साथ आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली। दोनों की शादी सादगी से हुई, जिसमें दोनों परिवारों का कोई सदस्य शामिल नहीं हुआ। शादी के बाद मुस्कान को अपने परिवार से जान का खतरा था। इसलिए दोनों पहले किराए के कमरे में रहे, ताकि किसी को पता न चले। हालांकि, बाद में दोनों परिवारों में सुलहा हो गया। इसके बाद नितिन अपने घर में जा करके मुस्कार के साथ रहने लगा। अब पढ़िए नितिन के भाई ने क्या कहा? 6 महीने से मुस्कान घर वालों से बात करनी लगी थी
नितिन के बड़े भाई अमित कुमार ने पुलिस को बताया- हम जाति से जाटव हैं। मेरा छोटा भाई नितिन कुमार जाटव ने मुस्कान पुत्री मेहरूदीन निवासी ग्राम पूरनपुर नवादा थाना चांदीनगर क्षेत्र जिला बागपत के साथ अपनी पसंद से शादी की थी। लगभग 6 महीने पहले मुस्कान अपने परिवार से बात करने लगी थी। नितिन मना करता था कि तू अपने परिवार से बात मत किया कर, कभी कुछ भी हो सकता है। इस पर मुस्कान कहती थी कि हम अपने परिवार के साथ कुछ नहीं कहेंगे। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत और आना-जाना शुरू हो गया। नितिन से विवाद होने पर मुस्कान मायके चली गई
करीब एक सप्ताह पहले नितिन का मुस्कान से विवाद हुआ, जिसमें नितिन ने अपनी पत्नी को थप्पड़ जड़ दिया। इसके बाद मुस्कान अपने मायके चली गई। 30 मार्च को मुस्कान के पिता मेहरूदीन और चाचा आसिफ अली ने अपने दामाद नितिन को फोन करके सुलह करने की बात कही। उन्होंने कहा कि ‘उसे समझा दिया है, घर चले आओ और मुस्कान को ले जाओ। यह तो परिवार में चलता रहता है। इसके बाद देर शाम मैं और मेरा भाई नितिन उसके ससुराल जाने के लिए निकले। जैसे ही हम बन्थला बंद फाटक पर पहुंचे, उसी समय कार से आए मेहरूदीन और आसिफ अली ने मेरे भाई को पकड़ लिया और कहने लगे कि ‘इसी दिन का इंतजार था।’ इसके बाद मुस्कान के पिता, चाचा और उनके साथ अन्य लोगों ने लाठी-डंडों से हमले शुरू कर दिए। हम किसी तरह अपनी जान बचाकर घर लौट आए। लेकिन उन्होंने नितिन को पकड़ लिया और मार डाला। अब पढ़िए आरोपी मेहरदीन ने क्या कहा?
बेज्जती का घूट पीकर चुप बैठा था
मेहरदीन ने बताया- नितिन ने अपने जाल में फंसा कर मेरी बेटी मुस्कान से शादी कर ली थी। नितिन जाति से जाटव है, जबकि हम मुस्लिम हैं। अलग-अलग धर्म के होने के कारण हमारे समाज में बहुत बेज्जती हुई। उस समय हम बेज्जती का घूट पीकर चुप बैठ गए थे। समाज में लोग ताने देते थे कि ‘तुम्हारी बेटी हिंदुओं के पास चली गई, तुम्हें डूबकर मर जाना चाहिए।’ मेरे बेटे तभी से कहते थे कि हमें जेल जाना मंजूर है, लेकिन बिरादरी के ताने नहीं सुन सकते। कुछ समय से मुस्कान बताने लगी थी कि नितिन शराब पीकर उसका शारीरिक शोषण और मारपीट करता है। इस पर हमें लगा कि अब बदला लेने का समय आ गया है। मैं एक साल से इस दिन के लिए तैयार था। हम चारों भाइयों ने दो महीने पहले ही प्लानिंग कर ली थी। हमने तय किया था कि हम चाकू या गोली का इस्तेमाल नहीं करेंगे, बल्कि पीट-पीटकर ऐसा तड़पाकर मारेंगे कि पानी भी तरस जाए। एक सप्ताह पहले मेरी बेटी लड़ाई करके घर आ गई। सोमवार रात उसे सुलह करने के बहाने घर बुलाया था। रास्ते में ही उसे घेर लिया और पीट-पीटकर मार डाला। हमें इस पर कोई अफसोस नहीं है। ————–

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