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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बीएचयू के सेन्ट्रल हिन्दू गर्ल्स स्कूल में टीजीटी होम साइंस के पद पर जारी विज्ञापन 5 दिसंबर 2025 के आधार पर होने जा रही नियुक्ति पर रोक लगा दी है।
कोर्ट ने बीएचयू तथा स्कूल के प्रिंसिपल से याचिका पर चार सप्ताह में जवाब मांगा है। यह आदेश जस्टिस सिद्धार्थ नंदन ने मीनाक्षी गुप्ता की याचिका पर दिया है। याचिका में भर्ती विज्ञापन को चुनौती दी गई थी।
याची के वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक कुमार यादव का कहना था कि याची विगत 15 वर्षों से अधिक समय से होम साइंस टीजीटी टीचर के रूप में संविदा पर सेवा दे रही है। कहा गया कि याची की नियुक्ति का बीएचयू के कुलपति ने अनुमोदन किया और वह उसी आधार पर पढ़ा रही है। अधिवक्ता का कहना था कि स्कूल के कर्मचारियों पर विश्वविद्यालय की परिनियमावली लागू है। विज्ञापन निकाल पद भरा जा रहा वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि याची के खिलाफ कोई शिकायत नहीं है, परंतु विज्ञापन निकालकर पद को भरा जा रहा है। अपने तर्क के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट के अभी हाल के निर्णय भोला नाथ बनाम झारखंड राज्य तथा अन्य सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों के आधार पर कहा गया कि याची को विनियमित किए बिना विज्ञापन निकालकर पद को भरा जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर कहा गया कि किसी नियुक्ति को लम्बे समय तक संविदा पर जारी रखना और विनियमितिकरण का प्रावधान बनाए बिना सीधी नियुक्ति से उसी पद को भरे जाने की सुप्रीम कोर्ट ने आलोचना की है। हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के उक्त फैसले पर विचार कर होम साइंस पद पर नियुक्ति पर रोक लगा दी है।
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बीएचयू में टीजीटी होम साइंस पद की नियुक्ति पर रोक:हाईकोर्ट ने सेन्ट्रल हिन्दू गर्ल्स स्कूल बीएचयू मामले में जवाब मांगा