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बारिश के दौरान सड़कों पर बढ़ी फिसलन और जगह-जगह बने गड्ढे लोगों के लिए मुसीबत बन गए हैं। सड़क पर फिसलने से कहीं बाइक सवार गिरकर घायल हो रहे हैं तो कहीं ई-रिक्शा और ऑटो पलटने से लोग चोटिल हो रहे हैं। पैदल राहगीर भी उबड़-खाबड़ और फिसलन भरी सड़कों पर संतुलन बिगड़ने से गिर रहे हैं। इसका असर अब अस्पतालों की ओपीडी में भी दिखाई देने लगा है। एसएन मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग में गिरने और सड़क हादसों में घायल होकर आने वाले मरीजों की संख्या करीब 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गई है। शहर में एमजी रोड पर मेट्रो कार्य समेत कई स्थानों पर निर्माण कार्य चल रहा है। इसके चलते कई जगह सड़कें उबड़-खाबड़ हैं और गड्ढे बने हुए हैं। बारिश होने के बाद इन स्थानों पर पानी, कीचड़ और फिसलन बढ़ जाती है। इससे दोपहिया वाहन चालकों के लिए हादसे का खतरा बढ़ गया है। दिल्ली गेट रोड पर भी बारिश के बाद फिसलन लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। वहीं वीआईपी रोड पर बने गहरे गड्ढे भी हादसे का कारण बन सकते हैं। हाथ-पैर में फ्रैक्चर के मरीज बढ़े एसएन मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग के डॉक्टर अमृत गोयल के मुताबिक बारिश के दिनों में गिरकर चोटिल होने वाले मरीजों की संख्या करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ी है। इनमें हाथ में फ्रैक्चर, कलाई में चोट या झटका, कूल्हे में फ्रैक्चर और गिरने से शरीर के अन्य हिस्सों में चोट के मरीज शामिल हैं। सड़क पर फिसलन के कारण दोपहिया वाहन सवारों के गिरने के मामले भी सामने आ रहे हैं। डॉ. गोयल ने बताया कि बारिश के दौरान सड़क पर फिसलन बढ़ जाती है। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने वाहन चालकों को धीमी गति से वाहन चलाने और सड़क की स्थिति देखकर ही आगे बढ़ने की सलाह दी है। घर के आंगन से मंदिर तक, फिसलकर गिर रहे लोग बारिश में फिसलने की घटनाएं केवल सड़कों तक सीमित नहीं हैं। घर के आंगन में फिसलकर गिरने वाले लोग भी इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। बारिश या बारिश के बाद सुबह मंदिर जाने वाले लोगों के भी फिसलकर चोटिल होने के मामले सामने आ रहे हैं। इनमें हाथ-पैर में चोट और फ्रैक्चर की शिकायतें शामिल हैं। फिजियोथेरेपी ओपीडी में भी 20 फीसदी बढ़े मरीज फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. अतुल के मुताबिक उनकी ओपीडी में भी करीब 20 प्रतिशत मरीज बढ़े हैं। गिरने की वजह से हाथ-पैर में झटका लगने, घुटने में चोट और कमर में झटका आने जैसी समस्याओं को लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। बारिश के दौरान सड़क की फिसलन और असमतल रास्तों के कारण गिरने की घटनाएं बढ़ रही हैं। बारिश में पुरानी चोट भी दे रही दर्द बारिश के मौसम में नए हादसों के साथ पुरानी चोट का दर्द भी लोगों को परेशान कर रहा है। जिन लोगों को पहले हाथ-पैर में चोट, फ्रैक्चर, घुटने या कमर में चोट लग चुकी है, उनमें इन दिनों दर्द और अकड़न की शिकायत बढ़ रही है। ऐसे मरीज भी डॉक्टरों और फिजियोथेरेपी विशेषज्ञों की ओपीडी में पहुंच रहे हैं। फिजियोथेरेपी विशेषज्ञों के मुताबिक मौसम में बदलाव और नमी के दौरान पुरानी चोट वाले हिस्से में दर्द, जकड़न और सूजन की शिकायत लेकर मरीज आ रहे हैं। ऐसे मरीजों की संख्या में भी इन दिनों इजाफा देखने को मिल रहा है। निर्माण कार्य से बढ़ी मुश्किल आगरा में एमजी रोड पर मेट्रो कार्य सहित कई स्थानों पर अलग-अलग निर्माण कार्य चल रहे हैं। कई जगह सड़कें खुदी हुई हैं और रास्ते उबड़-खाबड़ हैं। बारिश के बाद इन स्थानों पर कीचड़ और फिसलन बढ़ जाती है। दिल्ली गेट रोड समेत कई इलाकों में भी सड़क की स्थिति लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। वहीं वीआईपी रोड पर गहरे गड्ढे हादसे का खतरा बढ़ा रहे हैं। बारिश, फिसलन और बदहाल सड़कों का असर अब लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। सड़क पर गिरकर घायल होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है तो पुरानी चोट वाले लोग भी दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। ऐसे में निर्माण स्थलों पर सुरक्षा इंतजाम करने और सड़कों के गड्ढों की मरम्मत कराने की जरूरत है, ताकि बारिश के दौरान होने वाले हादसों पर रोक लगाई जा सके।
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बारिश में आगरा के गढ्ढे बने लोगों की आफत:वाहन चालक गिर कर हो रहे घायल, ए़सएन में 20% बढ़े हडि्डयों के मरीज