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बाराबंकी में सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गया है। नेपाल से छोड़े गए लाखों क्यूसेक पानी और पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के कारण तराई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। तटवर्ती गांवों के लोग सामान समेटने की तैयारी में हैं, जबकि प्रशासन भी हाई अलर्ट पर है। गुरुवार सुबह 10 बजे सरयू का जलस्तर 106.040 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 106.070 मीटर से मात्र कुछ सेंटीमीटर कम है। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश और नेपाल से छोड़े गए पांच लाख क्यूसेक से अधिक पानी के कारण जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई है। रामनगर तहसील क्षेत्र के दुर्गापुर, लहड़रा, सिसौड़ा, करमुलापुर और कुसौरा जैसे कई तटवर्ती गांवों में बाढ़ की आशंका से ग्रामीण चिंतित हैं। लोगों ने आवश्यक सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना और जरूरत पड़ने पर ऊंचे स्थानों पर जाने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रशासन ने स्थिति से निपटने के लिए मोर्चा संभाल लिया है। लेखपालों और राजस्व कर्मियों को गांवों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है और किसी भी आपात स्थिति के लिए राहत एवं बचाव दल तैयार रखे गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, यदि पहाड़ों में बारिश जारी रहती है और नेपाल से और पानी छोड़ा जाता है, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्रशासन और ग्रामीण दोनों ही लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
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बाराबंकी में सरयू नदी खतरे के निशान के करीब:नेपाल से छोड़े पानी और बारिश से तराई इलाकों में बढ़ी चिंता