बागपत में मुनीम की हत्या कर शव तेजाब से जलाया:6 दिन बाद ईंख के खेत में मिला कंकाल, मोबाइल और कपड़ों से हुई पहचान


बागपत में बड़ौत कोतवाली क्षेत्र के लुहारी गांव निवासी एक ईंट भट्ठे के मुनीम की बेरहमी से हत्या का मामला सामने आया है। आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को तेजाब से जलाकर गन्ने के खेत में फेंक दिया। शनिवार को ढिकाना गांव के जंगल से मुनीम का कंकाल बरामद हुआ है। परिजनों ने मौके पर मिले मोबाइल और कपड़ों के आधार पर उसकी शिनाख्त की। घटना से गुस्साए परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा किया। 29 जून से लापता था मुनीम दाहा गांव निवासी दीपक ने बताया कि उनके बहनोई सचिन (38 वर्ष) लुहारी गांव में ईंट भट्ठे पर मुनीम थे। बीती 29 जून को पड़ोस के ही दो युवक सचिन को अपनी बाइक पर बैठाकर साथ ले गए थे। कई घंटों बाद दोनों युवक शराब के नशे में धुत होकर अकेले लौटे। जब सचिन की पत्नी पूनम ने उनसे पति के बारे में पूछा, तो उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया और टालमटोल करने लगे। चौकी इंचार्ज ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया परिजनों का आरोप है कि सचिन के घर न लौटने पर वे शिकायत लेकर बोहला पुलिस चौकी पहुंचे थे। आरोप है कि वहां तैनात दरोगा (चौकी इंचार्ज) ने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया और यह कहकर टरका दिया कि “वह शराब के नशे में कहीं पड़ा होगा, खुद ही आ जाएगा।” पुलिस की इसी ढिलाई के कारण परिजन अपने स्तर पर ही सचिन की तलाश में जुटे रहे। शनिवार सुबह खेत में कंकाल देख उड़े होश शनिवार सुबह ढिकाना गांव के जंगल में ईंख के खेत के अंदर एक कंकाल पड़े होने की सूचना से इलाके में हड़कंप मच गया। जानकारी मिलते ही सचिन के परिजन भी मौके पर पहुंचे। कंकाल के पास पड़े मोबाइल और कपड़ों को देखकर छोटे भाई सोमकुमार ने उसकी पहचान सचिन के रूप में की। परिजनों का आरोप है कि सचिन की हत्या करने के बाद पहचान छुपाने के लिए शव पर तेजाब डाला गया था। बड़ौत कोतवाली इंस्पेक्टर दीक्षित त्यागी ने बताया- मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी पहलुओं से गहनता से जांच की जा रही है। परिजनों के आरोपों और साक्ष्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

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