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बागपत के बड़ौत कोतवाली क्षेत्र में पिता और दो बहनों की हत्या के मामले में न्यायालय ने आरोपी बेटे को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। 2022 में हुए इस तिहरे हत्याकांड में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। गवाहों की गवाही और पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। मामला 15 अगस्त 2022 का है। मृतक बृजपाल की पत्नी शशि ने बड़ौत कोतवाली में तहरीर देकर अपने बेटे अमर उर्फ लक्ष्य पर हत्या का आरोप लगाया था। उन्होंने बताया था कि अमर ने धारदार हथियार से अपने पिता बृजपाल की हत्या कर दी। विरोध करने पर उसने अपनी दोनों बहनों अनुराधा और ज्योति को भी मौत के घाट उतार दिया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। संपत्ति से बेदखली से नाराज था आरोपी शशि के मुताबिक, अमर के खराब चाल-चलन के कारण उसके पिता ने उसे संपत्ति से बेदखल कर दिया था। इसके अलावा वह अपनी बहनों के बाहर आने-जाने को लेकर भी नाराज रहता था। इसी के चलते उसने पिता और दोनों बहनों की हत्या कर दी। एडीजीसी अशोक सैनी ने बताया कि मामले में सभी गवाहों की गवाही और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी माना और आजीवन कारावास व 10 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।
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बागपत में पिता-दो बहनों की हत्या के दोषी को उम्रकैद:कोर्ट ने 10 हजार रुपए का लगाया जुर्माना, संपत्ति से बेदखल होने पर दिया था अंजाम