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रायबरेली में समाजवादी पार्टी के सदस्यता अभियान के दौरान 17 सितंबर 2026 को समाजवादी पार्टी और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं के बीच हुई मारपीट का मामला एक बार फिर तूल पकड़ता नजर आया। विवाद के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौते के प्रयास के लिए पुलिस ने सपा कार्यकर्ताओं को पुलिस अधीक्षक कार्यालय और एबीवीपी से जुड़े लोगों को कोतवाली बुलाया था। इसी दौरान दोनों पक्ष पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच गए, जहां एक बार फिर कहासुनी और विवाद की स्थिति बन गई। बताया जा रहा है कि 17 सितंबर को सदस्यता अभियान को लेकर सपा और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच डिग्री कॉलेज गेट पर विवाद हुआ था। इसके बाद दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर मारपीट सहित कई आरोप लगाए गए थे। मामले को शांत कराने और आपसी समझौते के लिए पुलिस स्तर पर दोनों पक्षों को अलग-अलग स्थानों पर बुलाया गया था। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के कुछ कार्यकर्ता पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे, जबकि एबीवीपी से जुड़े लोगों को कोतवाली बुलाया गया था। हालांकि बाद में दोनों पक्ष एसपी कार्यालय परिसर में पहुंच गए। यहां दोनों पक्षों के आमने-सामने आने के बाद माहौल गर्म हो गया और देखते ही देखते विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। आरोप है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और सपा कार्यकर्ताओं के बीच भी धक्का-मुक्की और नोकझोंक की स्थिति बनी। पुलिस ने मौके पर मौजूद सपा कार्यकर्ताओं को खदेड़कर स्थिति को नियंत्रित किया।
घटना के बाद पुलिस के खिलाफ मारपीट किए जाने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर खबरें प्रसारित किए जाने की बात भी सामने आई। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की है। पुलिस की कार्रवाई के बाद राजनीतिक हलकों में भी मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है और मुकदमे में नामजद एवं अन्य आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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सदस्यता अभियान में सपा-एबीवीपी कार्यकर्ता एसपी कार्यालय पर भिड़े:17 सितंबर को कहासुनी के बाद विवाद की स्थिति बन गई थी