बागपत के संस्कार किड इंटरनेशनल स्कूल में मदर्स डे:मां के सम्मान में सजा मंच, बच्चों की प्रस्तुति देख माताएं भावुक


बागपत के संस्कार किड इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित मदर्स डे समारोह सिर्फ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि मां और बच्चों के अटूट रिश्ते का भावनात्मक उत्सव बन गया। नन्हे बच्चों ने गीत, नृत्य, कविताओं और भावुक संदेशों के जरिए अपनी माताओं के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त किया। बच्चों की मासूम अभिव्यक्तियों ने ऐसा माहौल बना दिया कि कई माताओं की आंखें नम हो गईं। पूरे कार्यक्रम के दौरान स्कूल परिसर तालियों, मुस्कानों और भावनाओं से गूंजता रहा। दीप प्रज्वलन के साथ हुई शुरुआत कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ किया गया। विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने मां की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मां केवल जन्म देने वाली नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली पहली गुरु होती है। शुरुआत से ही समारोह में उत्साह और अपनापन दिखाई दिया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां नर्सरी से लेकर बड़ी कक्षाओं तक के बच्चों ने मंच पर शानदार प्रस्तुतियां दीं। किसी ने मां के त्याग को कविता में पिरोया तो किसी ने गीतों के माध्यम से मां के प्रेम को अभिव्यक्त किया। बच्चों के मासूम शब्द और अभिनय देखकर उपस्थित अभिभावक भावुक हो उठे। कई बच्चों ने अपनी माताओं के लिए विशेष संदेश भी पढ़े, जिन्हें सुनकर माहौल भावनात्मक हो गया। मंच पर उतरा मां-बेटे का अनमोल रिश्ता कार्यक्रम में प्रस्तुत नृत्य और गीतों में मां-बच्चे के रिश्ते की झलक साफ दिखाई दी। बच्चों ने बताया कि मां हर परिस्थिति में अपने बच्चों का सहारा बनती है। प्रस्तुतियों के जरिए यह संदेश दिया गया कि मां का प्यार निस्वार्थ और अनमोल होता है। दर्शकों ने बच्चों की प्रस्तुति पर जमकर तालियां बजाईं। माताओं ने भी दिखाया उत्साह विद्यालय प्रशासन की ओर से माताओं के लिए म्यूजिकल चेयर, डांस और अन्य मनोरंजक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। माताओं ने भी पूरे उत्साह के साथ इनमें भाग लिया। बच्चों ने अपनी माताओं का उत्साह बढ़ाया और पूरा परिसर पारिवारिक माहौल में बदल गया। विजेता माताओं को सम्मानित भी किया गया। ‘मां बच्चों की पहली पाठशाला’ विद्यालय की प्रधानाचार्या ने कहा कि मां बच्चों के जीवन की पहली पाठशाला होती है। बच्चे सबसे पहले मां से ही संस्कार, अनुशासन और प्रेम सीखते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों और अभिभावकों के बीच संबंधों को और मजबूत बनाते हैं। साथ ही बच्चों को अपने माता-पिता के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का भाव भी सिखाते हैं। सेल्फी, मुस्कान और यादगार पल कार्यक्रम के समापन पर बच्चों और माताओं ने साथ मिलकर सेल्फी लीं और इस दिन को यादगार बना लिया। पूरे आयोजन के दौरान बच्चों और अभिभावकों में खासा उत्साह देखने को मिला। स्कूल प्रबंधन ने सभी माताओं को मदर्स डे की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मां का स्थान जीवन में सबसे ऊंचा होता है और उनका सम्मान हर परिस्थिति में किया जाना चाहिए।

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