बांके बिहारी मंदिर हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी की हुई मीटिंग:16 वीं बैठक में 11 मुद्दों पर हुई चर्चा, निधिवन मंदिर का 13 करोड़ में उठा ठेका


ठाकुर श्री बांके बिहारी जी मंदिर हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी की 16वीं बैठक सोमवार देर शाम लक्ष्मण शहीद स्मारक भवन के सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति एवं समिति अध्यक्ष अशोक कुमार ने की। बैठक में मंदिर प्रबंधन, श्रद्धालु सुविधाओं, यातायात व्यवस्था, अतिक्रमण नियंत्रण, खाद्य सुरक्षा तथा मंदिर संपत्तियों से जुड़े 11 महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बांके बिहारी के स्वर्ण झूले का होगा जीर्णोद्वार बैठक में सबसे पहले भगवान बांके बिहारी जी महाराज के स्वर्ण एवं रजत झूले, सिंहासन, सीढ़ी सहित अन्य धातु निर्मित धार्मिक सामग्री की मरम्मत कराए जाने पर चर्चा हुई। करीब 200 किलो सोने चांदी से बने झूले के जीर्णोद्वार को लेकर कमेटी ने सहमति जताई। इस झूले में भगवान बांके बिहारी वर्ष में एक बार हरियाली तीज पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देते हैं। इसके अलावा मंदिर में सुरक्षित रखी गई पीली एवं सफेद धातुओं के मूल्यांकन तथा उन्हें अधिक सुरक्षित लॉकर में रखने संबंधी रिपोर्ट पर भी विचार किया गया। 5 साल से तैनात पुलिस कर्मी हटाए समिति ने मंदिर परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए प्राप्त निविदाओं पर चर्चा करते हुए आवश्यक निर्णय लिए। बैठक में एसएसपी ने बताया कि यहां 5 साल से तैनात ऐसे पुलिस कर्मियों को हटा दिया गया है जो तैनात कहीं और थे लेकिन उन्होंने ड्यूटी मंदिर से अटैच करा रखी थी। ऐसे सभी पुलिस कर्मियों को उनकी तैनाती की मूल जगह पर भेज दिया गया है। मंदिर की सुरक्षा में 250 से ज्यादा पुलिस कर्मी तैनात हैं। एक हजार रुपए बढ़कर उठा निधिवन का ठेका भगवान बांके बिहारी की प्राकट्य स्थली निधिवनराज की सेवा-पूजा व्यवस्था के लिए आगामी एक वर्ष की ठेका अवधि हेतु प्राप्त निविदा पर भी विचार-विमर्श किया गया। निधिवनराज की सेवा के लिए एक ही निविदा विक्की गोस्वामी की तरफ से मिली। जिसमें उन्होंने एक वर्ष के लिए 13 करोड़ 15 लाख 11 हजार की रकम लिखी। जो पिछले वर्ष के मुकाबले एक हजार रुपए बढ़कर थी। समिति ने निधिवन राज की सेवा उसी निविदा पर स्वीकृत कर दी। मंदिर को नहीं है कोई खतरा बैठक में मंदिर भवन एवं परिसर के संरचनात्मक सर्वेक्षण के दौरान पुरातत्व विभाग द्वारा दिए गए सुझावों पर गंभीरता से चर्चा हुई। कमेटी अध्यक्ष रिटायर्ड न्यायधीश अशोक कुमार ने कहा ASI की तरफ से ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली है जिससे मंदिर को खतरा हो। उन्होंने कहा पिछले दिनों कराए गए सर्वे में मंदिर के पत्थरों की सफाई आदि की आवश्यकता दिखाई थी,जिसकी ASI के कुशल निर्देशन में सफाई कराई गई। ट्रैफिक समस्या को लेकर हुआ मंथन बैठक में वृन्दावन की यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित बनाने के लिए परिवहन विभाग द्वारा की जा रही कार्यवाही की भी समीक्षा की गई। बैठक में मंदिर के आसपास की गलियों से अतिक्रमण हटाने के लिए गठित चार विशेष टीमों की कार्यवाही रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। साथ ही खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा मंदिर क्षेत्र की दुकानों पर की गई खाद्य सामग्री की सैंपलिंग एवं जांच संबंधी प्रगति की भी समीक्षा की गई। यह रहे मौजूद बैठक में कमेटी अध्यक्ष के अलावा सदस्य रिटायर्ड जिला न्यायधीश मुकेश मिश्रा, कमेटी के सचिव और DM चंद्र प्रकाश सिंह,सदस्य और एसएसपी श्लोक कुमार, नगर आयुक्त जग प्रवेश, उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण लक्ष्मी एन के अलावा शैलेन्द्र गोस्वामी,रजत गोस्वामी,गोपेश गोस्वामी और हिमांशु गोस्वामी मौजूद रहे। इस दौरान कमेटी के सदस्य रजत गोस्वामी ने बताया कि उनको मीटिंग की सूचना 5 दिन पहले दे दी गई लेकिन एजेंडा मीटिंग शुरू होने के दस मिनट पहले दिया गया।

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