बलरामपुर में 59.59 लाख का सरकारी गेहूं गायब:2 क्रय केंद्रों से 228 मीट्रिक टन स्टॉक नहीं मिला; प्रभारी सचिव गिरफ्तार


बलरामपुर में सरकारी गेहूं की खरीद के बाद करीब 59.59 लाख रुपए के गेहूं के गबन का मामला सामने आया है। तुलसीपुर क्षेत्र के दो गेहूं क्रय केंद्रों से 228.764 मीट्रिक टन गेहूं भारतीय खाद्य निगम को नहीं भेजा गया। जांच के दौरान रिकॉर्ड में दर्ज स्टॉक भी मौके पर नहीं मिला। मामले में नामजद प्रभारी सचिव प्रकाश सिंह को तुलसीपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट भेज दिया है। पीसीएफ के जिला प्रबंधक अश्वनी शुक्ला की शिकायत पर 11 सितंबर को तुलसीपुर थाने में प्रभारी सचिव प्रकाश सिंह और क्रय केंद्र प्रभारी महेंद्र मणि तिवारी के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इसके बाद संयुक्त जांच टीम ने बी-पैक्स तुलसीपुर के नचौरा-नचौरी और बी-पैक्स कौवापुर स्थित गेहूं क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। रिकॉर्ड में गेहूं, गोदाम में एक दाना भी नहीं मिला जांच के दौरान बी-पैक्स कौवापुर क्रय केंद्र के रिकॉर्ड में कुल 322.600 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद दर्ज मिली। इसमें से 160.947 मीट्रिक टन गेहूं भारतीय खाद्य निगम को भेजा जा चुका था। रिकॉर्ड के मुताबिक 161.653 मीट्रिक टन गेहूं अभी गोदाम में होना चाहिए था। जांच टीम मौके पर पहुंची तो गोदाम में गेहूं का कोई स्टॉक नहीं मिला। यानी रिकॉर्ड में मौजूद 161.653 मीट्रिक टन गेहूं का मौके पर कोई पता नहीं था। टीम ने स्टॉक और दस्तावेजों का मिलान किया तो मामला और गंभीर सामने आया। दूसरे केंद्र पर भी 67 टन से ज्यादा गेहूं संदिग्ध बी-पैक्स तुलसीपुर के नचौरा-नचौरी केंद्र पर रिकॉर्ड में 67.111 मीट्रिक टन गेहूं बचा हुआ दर्ज था। टीम जब गोदाम की जांच करने पहुंची तो उसकी चाबी नहीं मिल सकी। इस कारण गोदाम को खोलकर पूरी तरह जांच नहीं हो पाई। हालांकि, टीम ने खिड़कियों से अंदर देखने की कोशिश की तो गोदाम में गेहूं का स्टॉक नजर नहीं आया। दोनों केंद्रों के रिकॉर्ड और मौके की स्थिति को मिलाने के बाद कुल 228.764 मीट्रिक टन गेहूं गायब मिला। 2605 रुपए क्विंटल के हिसाब से 59.59 लाख की कीमत सरकारी खरीद मूल्य 2,605 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से गायब हुए 228.764 मीट्रिक टन गेहूं की अनुमानित कीमत 59,59,302.20 रुपए बताई गई है। आरोप है कि सरकारी धनराशि से किसानों से गेहूं खरीदने के बाद उसे भारतीय खाद्य निगम को नहीं भेजा गया। जांच में स्टॉक भी मौके पर नहीं मिला। इससे आशंका जताई गई कि रिकॉर्ड में दर्ज गेहूं का गबन कर लिया गया। इसी आधार पर पुलिस ने मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। पर्याप्त सबूत मिलने पर प्रभारी सचिव गिरफ्तार मामले की जांच के बाद पुलिस ने प्रभारी सचिव प्रकाश सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की। एसपी और तुलसीपुर प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे गिरफ्तार कर कोर्ट भेज दिया गया। गिरफ्तार प्रकाश सिंह चंद्रभान सिंह के बेटे हैं और तुलसीपुर थाना क्षेत्र के दुल्हिनडीह गांव के रहने वाले हैं। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक भूपेंद्र तिवारी भी शामिल रहे। मामले में नामजद दूसरे आरोपी क्रय केंद्र प्रभारी महेंद्र मणि तिवारी की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

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