![]()
बदायूं के इस्लामनगर में हुई डकैती अब सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं रह गई है, बल्कि इसने जिले की पुलिसिंग पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। हालात इतने बिगड़ गए कि अब बरेली रेंज के डीआईजी एके साहनी को खुद मोर्चा संभालना पड़ रहा है। डीआईजी लगातार शासन स्तर के अफसरों को पूरे मामले की पल-पल की रिपोर्ट दे रहे हैं और खुद इस कांड की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। शुक्रवार को लगातार दूसरी बार इस्लामनगर पहुंचे डीआईजी ने पीड़ित परिवार से बातचीत की और जल्द खुलासे का भरोसा भी दिलाया। इसके बाद पुलिस अफसरों के साथ अलग से बैठक कर जांच की प्रगति पर जवाब-तलब किया। माना जा रहा है कि अब इस मामले की निगरानी सीधे रेंज स्तर से हो रही है और हर गतिविधि शासन तक पहुंचाई जा रही है। दरअसल, मंगलवार रात इस्लामनगर कस्बे के मोहल्ला हाता निवासी नजाकत के घर बदमाशों ने धावा बोलकर लाखों रुपये के जेवर और नकदी लूट ली थी। पीड़ित परिवार शुरू से ही इसे डकैती बता रहा था, लेकिन स्थानीय पुलिस इस पूरे मामले को लगातार लूट साबित करने में लगी रही। बदमाशों की संख्या भी कम बताई जाती रही ताकि मामला हल्का दिखाई दे सके। लेकिन जब डीआईजी खुद मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से बातचीत की तो साफ हो गया कि वारदात में चार से अधिक बदमाश शामिल थे। इसके बाद पुलिस को मुकदमे में डकैती की धाराएं बढ़ानी पड़ीं। माना जा रहा है कि स्थानीय अफसरों द्वारा पहले मामले को लूट बताकर शासन स्तर तक गलत फीडबैक दिया गया, जिससे न केवल आम जनता बल्कि उच्च अधिकारियों का भरोसा भी स्थानीय पुलिस से कमजोर हुआ है। इसी वजह से अब डीआईजी को खुद मैदान में उतरना पड़ा है। शासन भी इस मामले को गंभीरता से देख रहा है और लगातार प्रगति रिपोर्ट मांगी जा रही है। यही कारण है कि डीआईजी लगातार इस्लामनगर पहुंच रहे हैं और हर एंगल से जांच की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। कुल मिलाकर यह कांड लोकल पुलिस की साख खराब कर गया है।
Source link
बदायूं डकैती कांड की जांच में DIG जुटे:लोकल पुलिस पर उठे सवाल, दूसरी बार परिवार से मिलकर जुटाए सुराग