![]()
पश्चिम बंगाल विधानसभा में बुधवार को बजट चर्चा के दौरान हंगामा हुआ। TMC विधायक कुणाल घोष को मार्शलों ने उठाकर सदन के बाहर निकाल दिया। कुणाल घोष ने TMC के बागी गुट के विधायक अखरुज्जमां का भाषण शुरू होते ही विरोध किया। वे अपनी सीट छोड़कर उनके सामने पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। इससे अखरुज्जमां अपना भाषण नहीं दे सके। सदन में शोर-शराबा और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बन गई। स्पीकर बिमान बनर्जी ने कई बार उन्हें अपनी सीट पर लौटने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने नहीं माना। इसके बाद स्पीकर ने सादन के बाहर करवा दिया और पूरे दिन के लिए निलंबित कर दिया। मार्शलों ने उठाकर बाहर किया, 3 तस्वीरें… कुणाल बोले- मेरा नाम लिस्ट से हटाया इससे एक दिन पहले भी विधानसभा में विपक्ष की ओर से बोलने वाले सदस्यों की लिस्ट को लेकर विवाद हुआ था। इस घटनाक्रम ने टीएमसी विधायक दल के भीतर फ्लोर मैनेजमेंट और सदन में बोलने वाले सदस्यों के चयन को लेकर चल रही खींचतान को फिर सामने ला दिया। कुणाल घोष को बाहर निकाले जाने के बाद सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई। 3 जून को शुरु हुई थी बगावत, ऋतब्रत बने बागी गुट के नेता 3 जून को टीएमसी में पहली बार बगावत की खबर सामने आई थी। TMC के 80 में से 58 बागी विधायकों ने पार्टी से निकाले गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना था। विधानसभा स्पीकर रथींद्र बोस को समर्थन पत्र दिया था। इसमें मांग की गई थी कि ऋतब्रत को नेता विपक्ष घोषित किया जाए। स्पीकर ने मंजूरी दे दी थी। 22 जून को हुई प्रतिनिधि बैठक में नए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और 30 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन किया गया था। ममता के पास अब 21 विधायक और 17 सांसद बचे टीएमसी के पास कुल 28 लोकसभा सांसद थे, जिसमें से 20 अलग हो गए हैं। अब लोकसभा में ममता के पास सिर्फ 8 सांसद बचे हैं। राज्यसभा की बात करें तो 13 में से 4 सांसद इस्तीफा दे चुके हैं यानी सिर्फ 9 राज्यसभा सांसद बचे हैं। विधानसभा की बात करें तो टीएमसी ने इस बार के चुनाव में 80 सीटें जीती थीं। इसमें से 59 विधायक अलग गुट बना चुके हैं। ममता के पास सिर्फ 21 विधायक बचे हैं। —————-
Source link
बंगाल विधानसभा- कुणाल घोष को मार्शलों ने उठाकर बाहर किया:TMC बागी गुट के विधायक को बोलने से रोका था; स्पीकर ने दिनभर के लिए निलंबित किया