फर्जी अभिलेखों से क्लेम का प्रयास, महिला पर FIR दर्ज:दूसरे की पत्नी बनकर दायर की थी प्रतिकर याचिका, बीमा कंपनी ने पकड़ा


सुलतानपुर में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) के आदेश पर एक महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। महिला पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्रतिकर प्राप्त करने का प्रयास करने का आरोप है। कोतवाली नगर में यह मामला पंजीकृत किया गया है। दरअसल, याचिका दायर करने वाली महिला ने न्यायालय में जो अभिलेख दाखिल किए थे, बीमा कंपनी टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की अधिवक्ता साक्षी सिंह ने उनकी जांच कराई। जांच में पता चला कि ये दस्तावेज फर्जी थे और महिला मृतक रामजीत वर्मा की वास्तविक पत्नी नहीं थी। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि प्रथम दृष्टया यह मामला दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है, जिस पर कानूनी कार्रवाई आवश्यक है। यह प्रकरण प्रतिकर याचिका संख्या 479/2024 और 480/2024 (वादिनी सुनीता देवी बनाम विवेक राव यादव आदि) के तहत न्यायालय में विचाराधीन था। न्यायालय द्वारा अभिलेखों के परीक्षण में यह तथ्य सामने आया कि याचिकाकर्ता ने स्वयं को मृतक रामजीत वर्मा की पत्नी बताया था। हालांकि, उपलब्ध दस्तावेजों से यह स्थापित हुआ कि मृतक की वास्तविक पत्नी कोई अन्य महिला है। आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खतौनी और परिवार रजिस्टर सहित अन्य दस्तावेजों में भी गंभीर विसंगतियां पाई गईं, जो जालसाजी की ओर इशारा करती हैं। सुनवाई के दौरान सीसीटीवी फुटेज से यह भी पुष्टि हुई कि दुर्घटना के समय मृतक अकेले थे। याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत तथ्यों में विरोधाभासों को गंभीरता से लेते हुए न्यायालय ने माना कि न्यायालय को गुमराह कर अवैध रूप से प्रतिकर धनराशि प्राप्त करने का प्रयास किया गया था। इन आधारों पर न्यायालय ने दोनों प्रतिकर याचिकाओं को निरस्त कर दिया। साथ ही, थाना कोतवाली नगर, सुलतानपुर में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के क्रम में अब मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है और पुलिस द्वारा आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *