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गाजियाबाद में बड़े अधिकारी बनकर डराने-धमकाने और नोटिस सेटलमेंट के नाम पर अवैध वसूली करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ। पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 1.92 लाख रुपए, तीन मोबाइल फोन और एक डायरी बरामद हुई है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि इंदिरापुरम निवासी विकास मित्तल ने पुलिस से शिकायत की थी। विकास के मुताबिक, उनकी दिल्ली स्थित फर्म ‘ए टू जेड’ को सीबीआई की ओर से एक नोटिस मिला था। इसी नोटिस को लेकर कुछ लोग उनके संपर्क में आए। आरोपियों ने खुद को प्रभावशाली अधिकारी बताते हुए कहा कि वे अपने स्तर से मामले को खत्म करा सकते हैं। ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई और गिरफ्तारी का डर भी दिखाया गया। 15 करोड़ से शुरू हुई डील, एक करोड़ में मामला खत्म करने की बात पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने शुरुआत में मामले को खत्म कराने के लिए 15 करोड़ रुपए मांगे थे। बाद में रकम घटाकर 5 करोड़ रुपए कर दी गई। इसके बाद कथित तौर पर एक करोड़ रुपए में मामला खत्म करने की बात तय हुई। इसी दौरान विकास मित्तल को आरोपियों पर शक हो गया और उन्होंने पैसे देने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इसके बाद आरोपी उन्हें लगातार धमकाने लगे। ‘पैसे नहीं दिए तो मुकदमा दर्ज करा देंगे’ आरोपियों ने विकास मित्तल से कहा कि अगर पैसे नहीं दिए तो उनकी संस्था के जरिए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया जाएगा। साथ ही सीबीआई के नोटिस वाले मामले में उन्हें गिरफ्तार कराने की धमकी भी दी गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसी तरह डर का माहौल बनाकर आरोपियों ने उनसे करीब 50 लाख रुपए वसूले। फर्म मैनेजर के जरिए पहुंचे थे आरोपी डीसीपी सिटी के मुताबिक, आरोपी विकास मित्तल की फर्म के मैनेजर के जरिए उनके संपर्क में आए थे। नोटिस से जुड़े मामले को खत्म कराने का भरोसा देकर उन्होंने खुद को प्रभावशाली अधिकारी बताया था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनिल प्रताप सिंह, अंकित द्विवेदी और सिद्धार्थ जैन के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, अनिल प्रताप सिंह पूर्व में आईबी में अधिकारी रह चुका है। आरोप है कि उसने अपनी पूर्व सेवा और पद का हवाला देकर खुद को प्रभावशाली अधिकारी के तौर पर पेश किया। इसी पहचान का इस्तेमाल कर शिकायतकर्ता पर दबाव बनाया गया। सीसीटीवी और मुखबिर की सूचना से गिरफ्तारी पुलिस ने मैनुअल इनपुट, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके पास से 1.92 लाख रुपए, तीन मोबाइल फोन और एक डायरी बरामद हुई है। पुलिस का कहना है कि शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए करीब 50 लाख रुपए की वसूली के आरोप की जांच की जा रही है। बरामद रकम और अन्य साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया गया है। सलमान और अनिकेत समेत अन्य की भूमिका जांच में मामले में सलमान और अनिकेत उर्फ कबीर सिंह समेत अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगाई गई हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में अवैध वसूली और रकम के लेनदेन से जुड़े दूसरे तथ्यों का पता चल सकता है।
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फर्जी अधिकारी बनकर वसूली करने वाले 3 अरेस्ट:गाजियाबाद में नोटिस सेटलमेंट के नाम पर 50 लाख वसूले, 3 मोबाइल-डायरी बरामद