जमीन और सब्जी मंडी विवाद में पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट-सीओ:संभल में बोले- मामला कोर्ट में विचाराधीन, कानून हाथ में लेने पर होगी कार्रवाई


संभल में जमीन और सब्जी मंडी को लेकर चल रहे विवाद के बीच शुक्रवार शाम करीब 5 बजे सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार और सीओ संभल कुलदीप कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने विवादित स्थल का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने दोनों पक्षों के लोगों से बातचीत कर विवाद की जानकारी ली। मामला हयातनगर थाना क्षेत्र के बाजार गंज का है। अधिकारियों ने दी कार्रवाई की चेतावनी अधिकारियों ने दोनों पक्षों को स्पष्ट किया कि जमीन से संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में किसी भी पक्ष को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि किसी भी पक्ष की ओर से विवाद की स्थिति पैदा की गई या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास किया गया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। एक सप्ताह पहले दुकानों को हटाने पहुंची थी टीम बाजार गंज में जमीन और सब्जी मंडी को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा है। करीब एक सप्ताह पहले नगर पालिका परिषद संभल की टीम चार दुकानों को हटाने पहुंची थी। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बन गई थी। इसके बाद अज्ञात लोगों पर सब्जी मंडी से ठेले और दुकानों को हटाने के आरोप भी लगाए गए थे। विवाद के बाद प्रशासन ने दोनों पक्षों को बातचीत के लिए बुलाया था। सिटी मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्षों की बात सुनी थी। इसके बाद सोमवार को सब्जी विक्रेताओं, ठेला संचालकों, दुकानदारों और दोनों पक्षों के लोगों के साथ करीब तीन घंटे तक वार्ता हुई थी। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर स्थिति स्पष्ट करने की बात कही थी। जमीन को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे विवादित जमीन को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे हैं। एक पक्ष का कहना है कि जमीन सरकारी है। वहीं सलाहुद्दीन पक्ष का दावा है कि उसने जमीन खरीदी है और यह उसकी संपत्ति है। दूसरे पक्ष का आरोप है कि उनके घरों के सामने अतिक्रमण कर दुकानें लगाई गई हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी से शिकायत किए जाने की बात भी सामने आई है। फिलहाल शुक्रवार को अधिकारियों के मौके पर पहुंचने के बाद दोनों पक्षों को समझाकर शांति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि न्यायालय में विचाराधीन मामले के दौरान विवाद की स्थिति पैदा करने पर दोनों पक्षों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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