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प्रयागराज में स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पर जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को संगम सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने 13 चिकित्सा अधीक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट देखकर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने विशेष रूप से दो प्रमुख बिंदुओं पर कार्य न करने वाले अधीक्षकों पर निशाना साधा। ई-कवच पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण कम होने के कारण चाका, सोरांव, बहरिया, भगवतपुर और फूलपुर के चिकित्सा अधीक्षकों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया है। इसके अतिरिक्त, आभा (ABHA) आईडी बनाने में सुस्ती बरतने वाले रामनगर, बहरिया, सैदाबाद, चाका, भगवतपुर, कौड़िहार, हंडिया और कोरांव के चिकित्सा अधीक्षकों को कड़ी चेतावनी दी गई है। जननी सुरक्षा योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में प्रसव कम होने और निजी अस्पतालों में अधिक होने पर भी जिलाधिकारी ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने उन आशा कार्यकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए, जो गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पतालों के बजाय निजी चिकित्सालयों में ले जा रही हैं। जिलाधिकारी ने ऐसी ‘दलाल प्रवृत्ति’ की आशा कार्यकर्ताओं को चिन्हित कर तुरंत सेवा से बर्खास्त करने को कहा। वहीं, अच्छा काम करने वाली आशाओं और एएनएम को सम्मानित किया जाएगा। ड्यूटी से लंबे समय से अनुपस्थित रहने वाले तीन सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) की संविदा सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, जिला महिला चिकित्सालय में जननी सुरक्षा योजना के भुगतान में लापरवाही बरतने वाले संविदा अकाउंटेंट को चेतावनी जारी की गई है। सुधार न होने पर उसकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी।
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प्रयागराज में स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन पर डीएम सख्त:13 चिकित्सा अधीक्षकों को नोटिस और चेतावनी, तीन CHO बर्खास्त