प्रयागराज में बिजली टॉवर पर चढ़ 6 घंटे किया ड्रामा:बारिश से 50 बीघा फसल बर्बाद, मुआवजे के लिए जान जोखिम में डाली


बारिश की वजह से उसकी 50 बीघा फसल बर्बाद हो गई। लाखों का नुकसान हुआ तो फसल बर्बादी के मुआवजे की उम्मीद में दौड़ लगाने लगा। उसने सांसद, विधायक, डीएम और एसडीएम से गुहार लगाई। कहीं से भी मुआवजे की उम्मीद नहीं जगी तो वह निराश और नाराज होकर हाईटेंशन लाइन के बिजली के टॉवर पर चढ़ गया। इसके बाद उसने जान देने की धमकी देकर सबको डरा दिया। ग्रामीणों के साथ पुलिस और प्रशासनिक अफसर पहुंच मिन्नत करने लगे। उसकी बूढ़ीं मां को बुलाया गया। मोबाइल के जरिये बातचीत कर उसे समझाने की कोशिश की गई। फिर छह घंटे बाद सुबह दस बजे से टॉवर पर चढ़ा युवक शाम चार बजे के करीब उतरा। इसके बाद हर किसी ने रात की सांस ली। उसे आश्वासन दिया गया है कि उसकी अर्जी डीएम को भेज दी गई है। जल्द ही उसे मुआवजा दिलाया जाएगा। 3 तस्वीर देखिए… यह मामला प्रयागराज के मांडा थाना क्षेत्र के ढोलिया गांव का है। गुरुवार सुबह से लेकर शाम तक यहां के रहने वाली सुशील कुमार यादव ने सबको छका डाला। गांव के पास बिजली के हाईटेंशन लाइन के 1.32 लाख केवीए के टावर (पोल) पर चढ़कर वह मर जाने की धमकी देता रहा। करीब छह घंटे की मान मनौव्वल के बाद वह टॉवर से उतरा। जिला पंचायत प्रतिनिधि बोले जिला पंचायत प्रतिनिधि विमल यादव ने कहा कि धान की फसल बर्बाद होने से परेशान होकर वह टावर पर चढ़ा था। टेलीफोनिक वार्ता के बाद युवक को नीचे उतार एसडीएम से वार्ता कराई गई। एसडीएम ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया। युवक की दो मांगे थीं। नाले की सफाई और बांध खुलवाया जाए। इस पर तत्काल एक्शन लेकर नहर परियोजना के जेई को बुलाकर तत्काल कार्य शुरू कराया गया। जल्द ही स्थाई समाधान का आश्वासन दिया गया है। इसके अलावा किसानों को जल्द ही उचित मुआवजा दिलाया जाएगा। – अजीत प्रताप सिंह, एसडीएम मेजा सुशील बोला- आश्वासन पर नीचे उतरा सांसद, विधायक, डीएम और एसडीएम से लिखित शिकायत किया था। फसलें पानी में डूबकर बर्बाद हो गईं। अधिकारी लापरवाह बने हैं। आश्वासन पर नीचे उतरा हूं। यदि जल्द ही समाधान नहीं हुआ तो कुछ और कदम उठाया जाएगा। पूरा मामला विस्तार से जानिए… मांडा के ढिलिया गांव का सुशील यादव गांव का सबसे बड़ा काश्तकार है। उसके पास कुल 50 बीघा जमीन है। इसमें उसने धान की रोपाई कराई थी। इसके बाद फसल की अच्छी पैदावार के लिए खाद डाला। ज्यादा बारिश की वजह से फसल बर्बाद हो गई। पिता राजमणि और छोटे भाई संतोष की मौत हो चुकी है। सुशील की पत्नी उषा देवी गृहणी हैं। बेटा वीनू और भतीजा बादल पढ़ाई करते हैं। फसल खराब होने से सुशील यादव परेशान है। उसका का कहना है कि उसने अफसरों और जनप्रतिनिधियों से मदद की गुहार लगाई। सुनवाई नहीं हुई। इससे नाराज होकर गुरुवार सुबह करीब 10 बजे गांव के करीब बिजली के 1.32 लाख केवीए टावर (पोल) पर चढ़ गया। वहां से उसने जान देने की धमकी दी। इस दौरान ग्रामीणों की नजर युवक पर पड़ी तो तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर दरोगा अक्षय सिंह, नायब तहसीलदार, फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने मोबाइल फोन से युवक से वार्ता किया लेकिन युवक नीचे उतरने को तैयार नहीं हुआ। युवक का कहना है कि सांसद, विधायक और डीएम, एसडीएम से लिखित शिकायत और मांग किया लेकिन सुनवाई नहीं हुई। 50 बीघा धान की फसल बर्बाद गांव के लोगों का कहना है कि ढिलिया इलाके में एक हजार बीघा धान की फसल बारिश की वजह डुूबकर तबाह हो गई है। किसान पंचम लाल बिंद, सुपारी लाल, दिनेश यादव आदि ने बताया की पिछले साल मुआवजे के लिए कुल 60 किसान चिन्हित किए गए थे लेकिन केवल 4 किसानों को ही सरकार की ओर से मुआवजा दिया गया। इस बार फसल डूबने से अभी किसान अक्रोशित हैं। देर से पहुंचे एसडीएम, ग्रामीण भड़के मांडा में बिजली के टावर पर युवक के चढ़ने की सूचना के बाद दोपहर में मेजा एसडीएम अजीत प्रताप सिंह और नायल तहसीलदार चंदन कुमार पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए तीखा सवाल किया। ग्रामीणों ने कहा की तहसील के जिम्मेदार अधिकारी जब लापरवाही करेंगे तो आम जनता को न्याय कैसे मिलेगा। सबसे लगाई गुहार, किसी ने नहीं सुनी टावर पर चढ़ने वाले सुशील यादव का आरोप है कि हाल में ही उसने जल निकासी की समस्या के समाधान के लिए सांसद उज्ज्वल सिंह, मेजा विधायक संदीप पटेल, डीएम मनीष वर्मा और एसडीएम अजीत को लिखित पत्र देकर स्थाई समाधान की मांग की थी। लेकिन उसकी मांग पर कोई सुनवाई नहीं हुई।

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