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प्रयागराज के छोटा बघाड़ा स्थित धरहरिया इलाके में दिशा छात्र संगठन की ओर से आयोजित चार दिवसीय ‘बाल सृजनात्मक शिविर’ का शनिवार की शाम को समापन हो गया। इस शिविर का उद्देश्य बच्चों में रचनात्मकता और तार्किक व्यक्तित्व का विकास करना था। शिविर के अंतिम दिन बच्चों ने चार दिनों में सीखे गए कौशल को अभिभावकों के सामने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की शुरुआत देशभक्ति गीत “मेरा रंग दे बसंती चोला” से हुई। बच्चों ने भाषण, नृत्य और कविता पाठ प्रस्तुत किए। इस दौरान ‘देश को आगे बढ़ाओ’ नामक एक नुक्कड़ नाटक भी मंचित किया गया। नाटक के माध्यम से बच्चों ने समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार और नेताओं द्वारा की जा रही लूट जैसे मुद्दों को उजागर किया। समापन समारोह में दिशा छात्र संगठन के सदस्य जय ने बच्चों को संबोधित किया। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हिंसक फिल्में, फूहड़ गीत और मोबाइल गेम्स बच्चों के चारित्रिक विकास को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर रहे हैं। जय ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों के लिए ऐसे रचनात्मक प्रयास आवश्यक हैं, जो उन्हें बेहतर वातावरण प्रदान करें। संगठन का उद्देश्य बच्चों में तार्किकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, न्यायप्रियता और संवेदनशीलता जैसे मानवीय मूल्यों को विकसित करना है। अभिभावकों की उपस्थिति में बच्चों को शिविर में उनकी भागीदारी के लिए प्रमाणपत्र वितरित किए गए। इस चार दिवसीय आयोजन को सफल बनाने में दिशा छात्र संगठन के कार्यकर्ता अमन, जय, सौम्या, टिया, ऐंजल, प्रियांशी, गौरी, चंद्र प्रकाश और अनुराग ने योगदान दिया।
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प्रयागराज में बाल सृजनात्मक शिविर में बच्चों ने दिखाई प्रतिभा:दिशा छात्र संगठन की ओर से आयोजित रचनात्मक कार्यक्रम का शनिवार को समापन