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सपा प्रमुख अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव का 13 मई को निधन हो गया। फिटनेस फ्रीक रहे प्रतीक यादव की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में किसी तरह के ‘फाउल प्ले’ से इनकार किया गया है। लेकिन 24 घंटे बाद भी मौत की असली वजह साफ नहीं हो सकी है। यही कारण हैं कि प्रतीक यादव की अचानक हुई मौत पर हर किसी की नजर है। दैनिक भास्कर ने सबसे पहले प्रतीक यादव के पल्मोनरी एम्बोलिज्म नाम की बीमारी की जद में आने की बात का खुलासा किया था। आमतौर पर लोग हार्ट अटैक या ब्रेन स्ट्रोक के बारे में जानते हैं, लेकिन पल्मोनरी एम्बोलिज्म भी उतनी ही खतरनाक स्थिति मानी जाती है। ऐसे में इस बीमारी को समझना बेहद जरूरी हो जाता है। पल्मोनरी एम्बोलिज्म क्या है? किन लोगों को ज्यादा खतरा रहता है? क्या कहते हैं यूपी के टॉप लंग्स एक्सपर्ट? प्रतीक यादव की मौत के पीछे क्या यही वजह थी या कुछ और, पढ़िए पूरी रिपोर्ट… सबसे पहले जानिए कितनी गंभीर है ये बीमारी KGMU पल्मोनरी और क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ.वेद प्रकाश कहते हैं कि ये एक गंभीर बीमारी हैं। इसको लेकर लापरवाही ठीक नहीं हैं। इस बीमारी की गंभीरता का अंदाजा सिर्फ इस बात से लगाया जा सकता हैं कि कि मैसिव पल्मोनरी एम्बोलिज्म के मामले में 50% मरीजों की मौत हो जाती हैं। इनमें से 11% मरीज की मौत महज एक घंटे के भीतर होती हैं। ऐसे में इलाज में देरी जान बचने की उम्मीदों को और कम करते हुए मौत की ओर ले जाती हैं। इलाज अधूरा छोड़ना पड़ा भारी, बढ़ा क्लॉट बना जानलेवा कम मूवमेंट बना खतरा: खून का थक्का बनकर फेफड़ों तक पहुंचता है क्लॉट डिप्रेशन और एंग्जायटी की वजह से छोड़ रखा था जिम प्रतीक कई दिनों से डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी समस्या से जूझ रहे थे। उन्हें बीपी की शिकायत भी थी। उनके जिम के हेड कोच के मुताबिक पिछले करीब 6 महीने से उन्होंस जिम करना भी छोड़ रखा था। ऐसे में उनका ज्यादातर समय घर पर भी बीतता था। इसके अलावा उनके एक पैर में सूजन जैसे लक्षण की बात भी कही जा रही हैं। ये भी पल्मोनरी एम्बोलिज्म का एक लक्षण होता है। ऐसे ही कुछ बाते प्रतीक यादव के पीएम रिपोर्ट में भी निकल कर आई है। पीएम रिपोर्ट: फेफड़ों में थक्का, ऑक्सीजन की कमी से मौत की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, फेफड़ों की नसों में खून का थक्का जमने की वजह से दिल और सांस लेने की प्रक्रिया अचानक बंद हो गई, जिससे मौत हुई। डॉक्टरों ने आगे की जांच के लिए दिल और फेफड़ों से जुड़े कुछ नमूनों को सुरक्षित रखा है। इसके अलावा, शरीर के कुछ अंगों (विसरा) को भी रासायनिक जांच के लिए संरक्षित कर पुलिस को सौंप दिया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि शरीर पर मिली सभी चोटें मौत से पहले की थीं। पोस्टमार्टम में दोनों पैरों में सूजन (ओडीमा) पाई गई। आंखों की पुतलियां फैली और स्थिर थीं, कॉर्निया धुंधली थी, जबकि होंठ, नाखून और कान नीले पड़े हुए थे। ये सभी संकेत शरीर में ऑक्सीजन की कमी या गंभीर मेडिकल स्थिति की ओर इशारा करते हैं। अब समझिए क्या है पल्मोनरी एम्बोलिज्म पल्मोनरी एम्बोलिज्म का कैसे होता है इलाज ? बचाव कैसे संभव?
डॉक्टर सलाह देते हैं कि लंबे समय तक लगातार बैठे रहने से बचें। हर एक-दो घंटे में थोड़ी देर टहलें, पर्याप्त पानी पिएं और नियमित व्यायाम करें। सर्जरी या लंबे बेड रेस्ट के दौरान डॉक्टर की सलाह के अनुसार ब्लड क्लॉट रोकने वाली दवाएं लेना भी जरूरी होता है।
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प्रतीक यादव की अचानक मौत का राज:क्या ‘साइलेंट किलर’ पल्मोनरी एम्बोलिज्म बना वजह; जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट