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लोगों के विरोध के बाद सरकार ने प्रीपेड स्मार्ट मीटर को पोस्टपेड में बदलने का निर्णय लिया है। गोरखपुर व बस्ती मंडल के 7 जिलों में ऐसे मीटर की संख्या 7 लाख 28 हजार 763 है। इसे पोस्टपेड में बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फिलहाल रिचार्ज करने के झंझट से छुटकारा मिल गया है और किसी की बिजली भी नहीं कटेगी।
पोस्टपेड मीटर होने के बाद समय से बिजली का बिल भुगतान न करने वालों का कनेक्शन काटा जाएगा। पैसा जमा करने के बाद यह आटो मोड में जुड़ जाएगा। परिसर में पुराने मीटर की जगह नए मीटर लगाने का काम जारी रहेगा लेकिन इसको प्री पेड मोड में परिवर्तित नहीं किया जाएगा। सितंबर 2025 में शुरू हुआ था प्रीपेड मोड में संचालित करने का काम सितंबर 2025 से पोस्टपेड स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड मोड में संचालित करने की शुरुआत की गई थी। इसके लिए उपभोक्ताओं को संदेश भेजा गया था। उनको बताया गया था कि प्रीपेड मोड में संचालित होने के पहले का बकाया किस्त-किस्त में प्रीपेड मीटर रिचार्ज के साथ जमा कराया जाएगा। यानी उपभोक्ता प्रीपेड मीटर के माध्यम से बिजली के उपभोग के लिए रिचार्ज करता था तो उस रुपये में से पुराने मीटर का बकाया भी जमा होता था। जानिए कैसे बढ़ी परेशानी
प्रीपेड मीटर से बिजली के उपभोग को लेकर जागरूकता अभियान तो चलाया जा रहा था लेकिन पैसे जमा करने के बाद भी मीटर में बकाया और पुराने बकाया को लेकर यूपीपीसीएल स्मार्ट एप में कोई सटीक सूचना नहीं दर्ज हो रही थी, जिससे परेशानी बढ़ रही थी। उपभोक्ताओं का आरोप था कि मीटर रिचार्ज करने के बाद भी एप में लगातार बकाया दिख रहा था। साथ ही बिजली भी कभी भी कट जा रही थी। जिनके पास एंड्रायड फोन नहीं हैं उनको तो कुछ पता ही नहीं चल पा रहा था।
पिछले दिनों सहजनवा खंड के गंगटही उपकेंद्र क्षेत्र में महिलाओं से परिसर से प्रीपेड मीटर उखाड़कर प्रदर्शन किया था। प्रदेश में कई स्थानों पर प्रदर्शन हो रहे थे। तारामंडल क्षेत्र के उपभोक्ता आदर्श ने कहा कि लगातार बिल भुगतान और सिर्फ एक एसी चलाने के बाद भी एप में कभी अधिकतम मांग छह किलोवाट तो कभी कुछ दिखा देता है। एक ही दिन में कई-कई बार मीटर रिचार्ज करने के बाद भी बकाया खत्म होने का नाम नहीं लेता है। 18 अप्रैल को लगी थी प्रीपेड मीटर लगाने पर रोक, नए कनेक्शन पर लग रहे हैं
तकनीकी खामियों की जांच करने तक स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने पर 18 अप्रैल को रोक लगाई गई थी। इस रोक के पहले गोरखपुर-बस्ती मंडल में सात लाख 22 हजार परिसर पर इसे स्थापित किए जा चुका थे। दोनों मंडलों में 26 लाख 95 हजार 826 परिसर पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने हैं। अब पुराने मीटरों को हटाकर स्मार्ट प्रीपेड मीटर नहीं लगाया जा रहा है लेकिन नए कनेक्शनों पर इसको लगाने का क्रम अब भी जारी रहेगा। माना जा रहा है कि सभी प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड में बदलने के बाद अब नए कनेक्शन पर भी पोस्टपेड मीटर ही स्थापित किए जाएंगे। प्रीपेड मीटर पोस्टपेड में बदलने के बाद माइनस में बिल का संदेश नहीं आएगा। कनेक्शन काटने पर भी रोक लगा दी गई है। अब उपभोक्ताओं को बहुत राहत मिल जाएगी। गोरखपुर व बस्ती मंडल के जिलों में यह है स्थिति जिला – कनेक्शन – प्रीपेड मीटर गोरखपुर – 733514 – 276943
देवरिया – 363725 – 72111
कुशीनगर – 386290 – 69085
महराजगंज – 347554 – 94410
बस्ती – 333892 – 90298
संतकबीरनगर – 225559 – 65049
सिद्धार्थनगर – 305292 – 60867
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पोस्टपेड में बदलेंगे 7.28 लाख मीटर:गोरखपुर-बस्ती मंडल के 7 जिलों में शुरू हुई प्रक्रिया