पैसों के लिए दोस्त को चाकू से गोदकर मार डाला:नोएडा में दोनों बहनों का रो-रो कर बुरा हाल, मां बोली- पति को क्या जवाब दूंगी


‘आंटी खाना बनाकर रखना, दो मिनट में आयुष के साथ वापस आता हूं।’ 16 अगस्त को आरोपी लड़के ने आयुष की मां योगमाया से यही कहा था। मां को क्या पता था कि घर से निकला उनका बेटा फिर कभी वापस नहीं आएगा। 21 अगस्त को आयुष का शव सेक्टर-54 के जंगल में सड़ी-गली हालत में मिला। मंगलवार को परिजनों ने शव की शिनाख्त की। आयुष की हत्या के मामले में पुलिस ने एक किशोर को अभिरक्षा में लिया है, जबकि दूसरे आरोपी की तलाश में कई टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। शुरुआती जांच में हत्या की वजह पैसों के लेनदेन से जुड़ी होने की बात सामने आ रही है। आरोप है कि दोनों आरोपी आयुष को जन्मदिन की पार्टी देने के बहाने घर से बुलाकर ले गए थे। मां का सवाल- मेरा बेटा कहां गया? आयुष की मां योगमाया का रो-रोकर बुरा हाल है। उनकी दो बेटियां हैं। भाई की मौत के बाद दोनों बहनें बार-बार यही पूछ रही हैं कि आयुष कहां गया। मां के पास उन्हें समझाने के लिए शब्द नहीं हैं। परिवार के मुताबिक, आयुष उनका इकलौता बेटा था। उसकी हत्या के बाद घर में मातम पसरा है। मां बच्चों की परवरिश कर रही हैं, जबकि आयुष के पिता पंकज गंभीर मानसिक बीमारी से पीड़ित हैं और लखनऊ में उनका इलाज चल रहा है। परिजन इस बात को लेकर भी चिंतित हैं कि पिता को बेटे की हत्या की खबर कैसे दी जाए। उन्हें डर है कि बेटे की मौत का सदमा उनकी हालत और बिगाड़ सकता है। जन्मदिन की पार्टी के बहाने बुलाया था परिजनों के मुताबिक, 16 अगस्त को आरोपी किशोर आयुष के घर पहुंचा था। उसने मां से कहा कि वह आयुष को अपने साथ ले जा रहा है और थोड़ी देर में वापस आ जाएगा। मां ने भी भरोसा कर बेटे को उसके साथ जाने दिया। आरोपी के कथित तौर पर कहे गए शब्द अब परिवार के लिए सबसे बड़ा दर्द बन गए हैं—“आंटी खाना बनाकर रखना, दो मिनट में आयुष के साथ वापस आता हूं।” इसके बाद आयुष घर नहीं लौटा। परिवार को उसकी तलाश थी, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि उसके साथ इतनी बड़ी वारदात हो चुकी है। सेक्टर-54 के जंगल में हत्या का आरोप पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आयुष को सेक्टर-54 के जंगल की तरफ ले जाया गया था। आरोप है कि वहां मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी गई। 21 अगस्त को पुलिस को जंगल में एक अज्ञात शव मिला था। परिजनों का आरोप है कि शव मिलने के बाद भी उन्हें इसकी सूचना नहीं दी गई। सोमवार शाम जब वे पुलिस के पास पहुंचे तो सेक्टर-24 थाना पुलिस ने किशोर के गायब होने का मुकदमा दर्ज किया और बताया कि एक अज्ञात शव मिला है, जिसकी पहचान करानी होगी। इसके बाद परिजनों ने शव की पहचान आयुष के रूप में की। आयुष अपने पीछे कई सवाल छोड़ गया एक आरोपी पुलिस की अभिरक्षा में, दूसरे की तलाश पुलिस ने मामले में एक किशोर को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। दूसरे आरोपी की तलाश में पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस हत्या की वजह, घटनास्थल और वारदात में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। पिता को बेटे की मौत कैसे बताएं? आयुष के घर में सबसे बड़ा सवाल यही है कि पिता पंकज को बेटे की मौत की खबर कैसे दी जाए। परिवार के मुताबिक, पंकज गंभीर मानसिक बीमारी से जूझ रहे हैं और लखनऊ में उनका उपचार चल रहा है। मां पहले से बच्चों की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। अब इकलौते बेटे की हत्या ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है। जिस बेटे को मां ने कुछ देर में लौट आने की उम्मीद से घर से भेजा था, उसका शव पांच दिन बाद मिला। अब मां की आंखों के सामने सिर्फ एक सवाल है-जिस बेटे को दो मिनट में वापस आने की बात कहकर ले जाया गया था, उसे आखिर किसने और क्यों मार डाला?

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