पूर्व मंत्री विधायक आवास की 7वीं मंजिल से गिरे, मौत:बीजेपी ओबीसी मोर्चा के प्रदेश मंत्री थे, खुदकुशी या हादसा, लखनऊ पुलिस जांच कर रही


लखनऊ में नए विधायक निवास की 7वीं मंजिल से गिरकर पूर्व मंत्री नानकदीन भुर्जी की मौत हो गई। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पूर्व मंत्री ने खुदकुशी की या हादसा हुआ, पुलिस इसकी जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि अभी किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। मौके से मिले साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर घटना के कारण पता किए जा रहे हैं। 56 साल के नानकदीन भाजपा के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश महामंत्री थे। उन्होंने हिंदुस्तान पिछड़ा मोर्चा नाम का संगठन भी बनाया था, जिसके वह राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। मामला मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे हजरतगंज थाना क्षत्र का है। भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बोले- हम कार्यालय में थे भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने कहा- हम लोग प्रदेश कार्यालय में मौजूद थे। तभी सूचना मिली कि पूर्व मंत्री नानकदीन भुर्जी नए विधायक निवास की 7वीं मंजिल से गिर गए हैं। हम लोग तुरंत वहां जाने के लिए निकले। लेकिन, रास्ते में ही पता चला कि उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया है। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने बताया कि उनका निधन हो चुका है। नानकदीन भुर्जी 7वीं मंजिल से कैसे गिरे और किन परिस्थितियों में यह घटना हुई, इस बारे में कुछ पता नहीं है। नानकदीन भुर्जी लखनऊ के मदेयगंज (खदरा) के रहने वाले थे। घर में पत्नी मंजू देवी, 2 बेटे उत्तम गुप्ता, पुरुषोत्तम गुप्ता और बेटी प्रियंका गुप्ता हैं। तीनों बच्चों की अभी शादी नहीं हुई है। पुलिस बोली- डिप्रेशन में थे नानकदीन लखनऊ पुलिस के अनुसार, 28 जुलाई को दारुलशफा के नए विधायक आवास के व्यवस्था अधिकारी ने नानकदीन के गिरने की सूचना चौकी प्रभारी को दी। इस पर चौकी प्रभारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। घायल नानकदीन को सिविल अस्पताल भेजा गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि नानकदीन पिछले काफी समय से अवसाद (डिप्रेशन) से पीड़ित थे। उन्हें अक्सर नए विधायक निवास परिसर में घूमते हुए देखा जाता था। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। काफी समय से भाजपा से जुड़े थे नानकदीन भुर्जी नानकदीन भुर्जी का जन्म 1 जुलाई, 1970 को हुआ था। उन्होंने 11 सितंबर, 1988 को इंटरमीडिएट उत्तीर्ण करने के बाद लखनऊ यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा प्राप्त की। लंबे समय से वह भाजपा में पिछड़ा वर्ग राजनीति का सक्रिय चेहरा थे। संगठन के साथ सरकार में भी उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। LDA सदस्य से राज्य मंत्री दर्जा तक का सफर साल- 2004 में नानकदीन भुर्जी को लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) का सदस्य नामित किया गया। बसपा सरकार में (दिसंबर 2006) उन्हें राज्य मंत्री (दर्जा प्राप्त) बनाया गया। साथ ही पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग का सलाहकार नियुक्त किया गया। एक फेसबुक पोस्ट में नानकदीन ने लिखा था- मेरे घर की हालत बहुत नाजुक थी। साल- 1988 से लेकर 2025 तक मैंने भुर्जी जाति के कल्याण के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया। मुझे तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने सचिवालय के संपत्ति विभाग में लिपिक के पद पर नियुक्ति दिलाई थी। फिर साल- 1990 से ही मैं भुर्जी जाति के विभिन्न संगठनों में जुड़कर काम करने लगा था। 2004 में मुझे लखनऊ विकास प्राधिकरण का सदस्य लखनऊ बनाया गया। फिर दिसंबर, 2006 में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग का राज्यमंत्री नामित किया गया। रिश्तेदार बोले- जीजा डिप्रेशन में नहीं थे नानकदीन के बड़े साले रमेश चंद्र गुप्ता अलीगंज के बड़ा चांदगंज के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया- नानकदीन मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे घर से निकले थे। वह रोज की तरह दारुलशफा और भाजपा कार्यालय जाते थे। भाजपा कार्यालय में उनके बैठने की व्यवस्था भी थी। वह पिछले करीब 25 साल से नियमित रूप से वहां आते-जाते थे। वह डिप्रेशन में नहीं थे। ————————— यह खबर भी पढ़ें ज्वैलरी कारोबारी के पोते की अपहरण के बाद हत्या, गोरखपुर में पड़ोसी टीचर के घर में मिली लाश गोरखपुर के ज्वैलरी कारोबारी के 10 साल के पोते की मंगलवार को अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। लाश घर से 20 मीटर दूर रहने वाले पड़ोसी के घर में बोरे में भरी मिली। यहां पढ़ें पूरी खबर

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