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अलीगढ़ पुलिस ने प्रतिबंधित और संरक्षित पशुओं के मांस की तस्करी के मामले में एक बड़ी कार्रवाई की है। चंडौस थाना पुलिस ने शुक्रवार सुबह खुर्जा से पूर्व केंद्रीय खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति राज्य मंत्री सरवर हुसैन के भाई अनवर हुसैन को गिरफ्तार कर लिया है। अनवर हुसैन खुर्जा के बड़े कारोबारी और अलहम्द मीट फैक्ट्री के मालिक हैं। इस मामले में पुलिस ने अनवर के नौकर इस्लाम खान को भी बृहस्पतिवार शाम दौरई मोड़ से गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपियों का मेडिकल टेस्ट कराने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने यह कार्रवाई गोवध अधिनियम, पशु क्रूरता अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धारा 325 के तहत की है। 6 महीने पहले पकड़ी गई थी 700 किलो मांस की खेप इस पूरे मामले की शुरुआत 15 जनवरी 2026 की रात को हुई थी। गोरक्षा दल के जिलाध्यक्ष प्रिंस चौहान को सूचना मिली थी कि खुर्जा से अलीगढ़ की तरफ एक बंद बॉडी के लोडर वाहन में प्रतिबंधित मांस ले जाया जा रहा है। गोरक्षा दल के करीब 20 कार्यकर्ताओं ने वाहन का पीछा किया और दौरई मोड़ व गभाना टोल प्लाजा के बीच उसे दबोच लिया। वाहन की जांच करने पर पुलिस और कार्यकर्ताओं के होश उड़ गए। गाड़ी के भीतर अलग-अलग बक्सों में बर्फ के सहारे मांस के पैकेट छिपाकर रखे गए थे, जिनका कुल वजन 700 किलोग्राम से अधिक था। मछलियों के चारे का बहाना पकड़े जाने पर वाहन के चालक असफाक और परिचालक इस्लाम निवासी बरेली ने दावा किया था कि यह मांस मछलियों को खिलाने के लिए बरेली ले जाया जा रहा है। हालांकि, पुलिस ने तब चालक-परिचालक के खिलाफ केस दर्ज कर मांस का सैंपल जांच के लिए मथुरा की प्रयोगशाला भेज दिया था। अप्रैल में आई लैब रिपोर्ट ने खोला राज अप्रैल महीने में मथुरा लैब से आई रिपोर्ट ने तस्करों के दावों की पोल खोल दी। रिपोर्ट में साफ हुआ कि पकड़ा गया मांस किसी साधारण पशु का नहीं, बल्कि ‘संरक्षित/प्रतिबंधित पशु’ का था। इसके बाद जब पुलिस ने कड़ाई से जांच आगे बढ़ाई तो कड़ियां जुड़ती गईं। जांच में सामने आया कि यह मांस खुर्जा स्थित अनवर हुसैन की मीट फैक्ट्री से ही लोड होकर चला था। सीओ गभाना महेश कुमार ने बताया कि जनवरी महीने में लोडर गाड़ी में जो मांस पकड़ा गया था, वह अनवर हुसैन की मीट फैक्ट्री से ही सप्लाई हुआ था। लैब की जांच रिपोर्ट में प्रतिबंधित पशु के मांस की पुष्टि होने के बाद ही यह गिरफ्तारियां की गई हैं। गिरफ्तारी के बाद कोतवाली में जुटी नेताओं की भीड़ चंडौस कोतवाली में जैसे ही पूर्व केंद्रीय मंत्री के भाई अनवर हुसैन को गिरफ्तार कर लाया गया, वहां राजनेताओं का तांता लग गया। करीब तीन घंटे तक कोतवाली परिसर में नेताओं की भारी भीड़ जमा रही। पैरवी करने के लिए एक पूर्व विधायक समेत कई दिग्गज नेताओं के प्रतिनिधि भी चंडौस कोतवाली पहुंचे, लेकिन पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया। जानिए पूर्व मंत्री सरवर हुसैन और आरोपी अनवर हुसैन के बारे में पूर्व केंद्रीय मंत्री सरवर हुसैन बुलंदशहर के रहने वाले हैं और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के बड़े छात्र नेता रहे हैं। वह 1987 में एएमयू छात्रसंघ के अध्यक्ष चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और 1989 के लोकसभा चुनाव में जनता दल के टिकट पर बुलंदशहर से सांसद चुने गए। वह केंद्र की तत्कालीन चंद्रशेखर सरकार में खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री भी रह चुके हैं। अनवर हुसैन खुर्जा के मुंडाखेड़ा रोड पर स्थित अलहम्द मीट फैक्ट्री के मालिक हैं। इस फैक्ट्री में उनके साथ हाजी साबू और फहीमुद्दीन भी पार्टनर हैं। अनवर इलाके के रसूखदार और बड़े कारोबारी माने जाते हैं। मुंडाखेड़ा चौराहे पर उनका अपना पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी और गोदाम भी है। इसके अलावा नेहरूपुर चुंगी पर उनका एक आलीशान फार्म हाउस और करीब 100 बीघा जमीन पर आम का बाग है। खुर्जा के सीओ शोभित कुमार ने भी अलीगढ़ पुलिस द्वारा की गई इस बड़ी और सख्त कार्रवाई की पुष्टि की है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री सरवर हुसैन का भाई अनवर हुसैन अरेस्ट:अलीगढ़ पुलिस ने प्रतिबंधित मीट की तस्करी में की कार्रवाई, जांच रिपोर्ट से खुला राज