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आगरा में दयालबाग स्थित पोइया घाट पर करीब 75 लाख की लागत से बना पांटून पुल तीन महीने में फेल हो गया। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने हादसों की आशंका के मद्देनजर सोमवार से रात में पुल से वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है। इसका पुल पर बोर्ड लगा दिया है। एत्मादपुर विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह ने पुल का निरीक्षण किया। पांटून पुल पर रोज जाम लगने से चार पहिया वाहन फंस जाते हैं। रात में हादसे की आशंका रहती है। पुल के आगे यमुना की रेत में बिछी लोहे की चादरों की नोंक उभर आई हैं। रेत में लोहे की चादर दब गई हैं। पुल की चौड़ाई कम होने से दो पहिया वाहन की क्षमता है। जबकि पुल से चार पहिया वाहन भी गुजर रहे हैं। ऐसे में हादसे का खतरा बढ़ गया था। एत्मादपुर विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह ने निरीक्षण के बाद पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को समस्या बताई। इस पर पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड ने सूर्यास्त के बाद पुल पर यातायात करने पर रोक लगा दी है। सेतु निगम ने पक्का पुल बनाने के लिए सर्वे शुरू कर दिया है। करीब 500 मीटर लंबे और 12 मीटर ऊंचे इस पक्के पुल के निर्माण से ही लोगों का सफर सुरक्षित हो सकता है। ये है पूरा मामला… आगरा में करीब तीन महीने में ही आगरा से हाथरस जाने वाले दो पहिया व हल्के चार पहिया वाहन चालकों की सुविधा के लिए करीब 75 लाख रुपये की लागत से बना पांटून पुल बेकार हो गया। पुल के दोनों छोर पर आए दिन मिट्टी धंसने के साथ ही लोहे की चद्दरों की वजह से वाहनों को हो रहे नुकसान के बाद अब यूपी सेतु निगम ने इस जगह पर पक्के पुल के निर्माण के लिए कवायद शुरू कर दी है। करीब 125 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले पुलिस के लिए निगम ने सर्वे शुरू कर दिया है। पुल बनने के बाद हाथरस और अलीगढ़ तक जाने के लिए लोगों को रामबाग-फाउंड्री नगर के बाद एक और रास्ते का विकल्प मिल जाएगा। साथ ही हर साल बाढ़ आने पर पांटून पुल हटाने और बनाने के नाम पर खर्च होने वाले लाखों रुपये बचेंगे। दयालबाग और पोइया घाट के बीच बना पीपे का पुल अक्सर मानसून के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने पर हटाना पड़ता है, जिससे दोनों ओर के दर्जनों गांवों और शहरी इलाकों का संपर्क पूरी तरह कट जाता है। लोगों को कई किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है। लोग लंबे समय से स्थायी पुल की मांग कर रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए अब शासन स्तर पर कवायद शुरू हो गई है। इसके तहत सेतु निगम के अधिकारियों ने पुल के लिए डीपीआर बनाने के साथ ही सर्वे शुरू कर दिया है। रविवार को भी निगम की एक टीम ने पुल के दोनों छोर पर सर्वे किया। सर्वे के बाद डीपीआर को मंजूरी के लिए शासन भेजा जाएगा। वहां से हरी झंडी और बजट स्वीकृत होते ही पुल के निर्माण का काम धरातल पर शुरू कर दिया जाएगा। पक्के पुल के बनने से आगरा के दयालबाग क्षेत्र और यमुना पार के इलाकों के बीच कनेक्टिविटी बेहद मजबूत हो जाएगी, जिससे न सिर्फ समय की बचत होगी बल्कि लोगों का सफर भी सुरक्षित और सुगम हो सकेगा। 12 मीटर ऊंचा होगा पुल सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक आगरा आरबी दिवाकर ने बताया कि प्रस्तावित पुल के लिए सर्वे और डीपीआर का काम चल रहा है। पुल करीब 12 मीटर ऊंचा और 500 मीटर लंबा होगा। दोनों तरफ आरओबी की तर्ज पर 200-200 मीटर पर पिलर लगाए जाएंगे। इस पुल के निर्माण पर करीब 125 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। पोइया घाट स्थित पीपा पुल पर लगातार लग रहे जाम से वाहन चालकों का निकलना मुश्किल हो गया है। रोजाना घंटों जाम में फंसने से लोगों को भारी दिक्कत उठानी पड़ रही है। समस्या को देखते हुए सोमवार को विधायक धर्मपाल सिंह ने ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों के साथ पुल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विधायक ने पुल पर जाम के कारणों का जायजा लिया। विधायक धर्मपाल ने ट्रैफिक पुलिस को जाम से निपटने के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए।
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पांटून पुल से रात में नहीं निकलेंगे वाहन:PWD ने हादसे की आशंका जताते हुए लगाया प्रतिबंध, लगाया चेतावनी बोर्ड