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मेरठ के ऐतिहासिक नौचंदी मेले में जहां अभी ठीक से रौनक लगी भी नहीं थी, कि उससे पहले ही आज उसमें खलल दिखाई दिया। मंगलवार को मेले में पहुंची जिला प्रशासन और जिला पंचायत की की टीम ने दुर्गा मंदिर परिसर के अंदर संचालित हो रहे सभी झूलों को बंद करा दिया। इसके बाद मेले के एक हिस्से में सूनापन दिखाई दिया। 13 में से हुई थी शुरुआत
मेरठ के इस ऐतिहासिक मेले का शुभारंभ बीती 13 मई को हुआ था। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह पहुंचे थे। मेले का आयोजन इस बार जिला पंचायत द्वारा कराया जा रहा है और प्रशासन के सहयोग से ही यह चल रहा है। परमिशन न होने के कारण हुई कार्रवाई
दरअसल मेले में जो झूले लगते हैं उनकी परमिशन जिला प्रशासन से लेनी पड़ती है। मंदिर परिसर के बाहर जो झूले लगे हैं उनकी तो परमिशन प्रशासन से ली गई है लेकिन मंदिर परिसर के अंदर चलने वाले झूलों की परमिशन नहीं ली गई है। इसी बात की शिकायत भी संबंधित अधिकारियों से की गई थी जिसके चलते आज टीम नहीं है कार्रवाई की है अन्य लोगों को नुकसान
जिन लोगों ने परमिशन लेकर अपने निर्धारित जगह पर झूले लगाए हैं उनका भी कहना है कि हमने पहले से परमिशन लेकर और फीस जमा कर यह झूले लगाए हैं ऐसे में अगर कोई कहीं भी झूला लगा देगा तो इससे हमारा व्यापार भी प्रभावित होगा इसलिए प्रशासन द्वारा सिर्फ उन्हें जो लोगों को संचालन या होना दिया जाना चाहिए जिन पर परमिशन है
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नौचंदी मेले में बिना परमिशन चल रहे झूले बंद:मेरठ में प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए की कार्रवाई, परमिशन वालों का व्यापार भी प्रभावित