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नोएडा इंटरनेशनल गोल्फ कोर्स का काम एक बार फिर से शुरू करने की तैयारी है। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि बचे काम के लिए नए सिरे से टेंडर जारी किया जाएगा। एजेंसी व प्राधिकरण के बीच विवाद के चलते करीब सवा साल से गोल्फ कोर्स का काम बंद पड़ा है। बार-बार नोटिस देने के बाद भी एजेंसी ने काम शुरू नहीं किया। एफआईआर कर अनुबंध किया था समाप्त
प्राधिकरण के तत्कालीन सीईओ डॉ लोकेश एम ने जुलाई 2025 को गोल्फ कोर्स का निरीक्षण करने पहुंचे थे। काम शुरू नहीं होने और लापरवाही मिलने पर सीईओ ने एजेंसी को ब्लैक लिस्ट कर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। प्राधिकरण के अधिकारियों ने उसी शाम नॉलेज पार्क-दो में एफआईआर दर्ज करा दी। इसके अलावा अनुबंध भी समाप्त कर दिया। नए सिरे से कंपनी का चयन
अधिकारियों ने दावा किया था जल्द टेंडर जारी कर दो-तीन महीने में काम शुरू करा दिया जाएगा। एक साल होने को आया है। मौके पर अभी भी काम शुरू नहीं हुआ है। इस बीच करीब तीन महीने पहले प्राधिकरण अधिकारियों ने ही पुरानी एजेंसी को ही बचे काम का जिम्मा देने की योजना तैयार की। फाइल बनाकर मंजूरी के लिए सीईओ को भेजा गया था। अब सामने आया कि सीईओ ने इसको अनुमति देने से इंकार कर दिया है। प्राधिकरण सीईओ कृष्णा करुणेश ने बताया कि अब नए सिरे से काम को पूरा करने के लिए टेंडर जारी किया जाएगा। एजेंसी का चयन होगा। साथ ही गोल्फ कोर्स के मैंबर शिप को दोबारा से शुरू किया जाएगा। 2021 में शुरू हुआ था निर्माण
गोल्फ कोर्स का काम जुलाई 2021 में शुरू हुआ था। इसको बनाने का जिम्मा मैसर्स कश्यपी इंफ्रास्टक्चर प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया था। प्राधिकरण और एजेंसी के बीच हुए अनुबंध के तहत यह गोल्फ कोर्स दिसंबर 2022 तक बनकर तैयार हो जाना चाहिए था लेकिन साढ़े तीन साल बाद भी काम अधूरा है। अभी मौके पर करीब 32 प्रतिशत काम बचा है। गोल्फ कोर्स के बचे काम पर करीब 44 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा।
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नोएडा में एक साल लटका पड़ा गोल्फ कोर्स का निर्माण:अधूरा काम पूरा करेगी नई कंपनी, 44 करोड़ का है प्रोजेक्ट, पुरानी कंपनी हो चुकी ब्लैक लिस्ट