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स्पेशल नीड (विशेष आवश्यकता वाले) बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और उनके अधिकारों के लिए पुलिस आयुक्त कार्यालय सेक्टर-108 में ‘ऑपरेशन अपराजेय’ के तहत विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का नेतृत्व पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में किया गया। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा कि ऑपरेशन अपराजेय का उद्देश्य स्पेशल नीड बच्चों की सुरक्षा और देखभाल के लिए एक मजबूत एवं सतत सहयोग प्रणाली विकसित करना है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें समयबद्ध और प्रभावी सहायता उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने बताया कि इस पहल की शुरुआत गौतमबुद्धनगर से की गई है, जो भविष्य में अन्य जिलों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कई परिवारों में बच्चों की देखभाल के लिए केयर टेकर रखे जाते हैं, लेकिन कुछ मामलों में उनकी लापरवाही या अनुचित व्यवहार की शिकायतें सामने आती हैं। इसे देखते हुए केयर टेकर के सत्यापन के दौरान उनके आचरण, मानसिक स्थिति और जिम्मेदारी निभाने की क्षमता का भी आकलन किया जाएगा। बच्चों का तैयार किया जाए डेटा बेस
पुलिस कमिश्नर ने मिशन शक्ति केंद्रों के माध्यम से स्पेशल नीड बच्चों वाले परिवारों की पहचान कर नियमित संपर्क व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही ऐसे बच्चों और परिवारों का सुव्यवस्थित डेटाबेस तैयार करने तथा संबंधित पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण देने पर जोर दिया।
प्रोफेसर ने दिया प्रशिक्षण
कार्यशाला में Amity University की फैकल्टी ऑफ रिहैबिलिटेशन साइंसेज की डीन प्रो. (डॉ.) जयंती पुजारी, डॉ. अनुसूया के. यादव और डॉ. राम शंकर सक्सेना सहित अन्य विशेषज्ञों ने स्पेशल नीड बच्चों की मनोवैज्ञानिक एवं व्यवहारिक जरूरतों, उनकी सुरक्षा और संवेदनशील पुलिसिंग से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण दिया। इस दौरान अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. राजीव नारायण मिश्र तथा पुलिस उपायुक्त महिला सुरक्षा सुनीति समेत बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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नोएडा में आपरेशन अपराजेय के तहत विषेश प्रशिक्षण:PC लक्ष्मी सिंह बोली," संवेदनशील बच्चों का तैयार होगा डेटाबेस, बनेगी सुरक्षा के लिए सहयोग प्रणाली"