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प्रयागराज में बुधवार को अंबेडकर वाहिनी युवजन सभा ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने धरना दिया और अपने हाथों में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीरें लीं। उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों की शांतिपूर्ण आवाज को दबाने के लिए बल प्रयोग किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। अंबेडकर वाहिनी युवजन सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि छात्र दिल्ली में कई दिनों से NEET-UG पेपर लीक सहित अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। उनकी बात सुनने के बजाय उन पर लाठीचार्ज किया गया। संगठन ने इस कार्रवाई को तानाशाही बताया और सरकार से छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया। सभा को संबोधित करते हुए अंबेडकर वाहिनी युवजन सभा के राष्ट्रीय महासचिव रजनीश भारती ने कहा कि देशभर के छात्र अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज को दबाया जा रहा है। उन्होंने छात्रों और छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार की निंदा की और कहा कि सरकार NEET-UG पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर जवाबदेही तय करने के बजाय विरोध करने वालों पर कार्रवाई कर रही है। रजनीश भारती ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन भविष्य में भी आंदोलन जारी रखेगा और विरोध प्रदर्शन को तेज करेगा। कार्यकर्ताओं ने सरकार से निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और छात्रों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता शामिल थे।
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जंतर-मंतर लाठीचार्ज के विरोध में प्रयागराज में प्रदर्शन:अंबेडकर वाहिनी युवजन सभा ने पीएम, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा