नेपाल त्रासदी में गोरखपुर के 3 लोग लापता:1 सुरक्षित, बाकी की तलाश जारी, त्रिशूली में करते थे काम


नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बुधवार सुबह आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस आपदा के बाद गोरखपुर के भी तीन लोगों के नाम लापता लोगों की सूची में सामने आए हैं। आपदा विभाग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, इनमें दो लोग अभी भी लापता हैं, जबकि तीसरे व्यक्ति के बारे में प्रशासन ने जांच के बाद पुष्टि कर दी है कि वह सुरक्षित है। लापता लोगों में कुछ नेपाल में काम कर रहे थे, जबकि कुछ वहां घूमने गए थे। मुंडेरी गढ़वा के आशुतोष मणि उपाध्याय लापता लापता लोगों की सूची में पहला नाम सदर तहसील क्षेत्र के मुंडेरी गढ़वा निवासी आशुतोष मणि उपाध्याय का है। बताया गया है कि आशुतोष नेपाल में रहकर काम करते थे। उन्हें ट्रेस करने की कोशिश की गई तो उनकी आखिरी लोकेशन त्रिशूली मिली। आशुतोष के लापता होने की जानकारी उनके चाचा सत्येंद्र कुमार ने दी। इसके बाद प्रशासन की ओर से भी उनके संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। छह महीने से त्रिशूली में काम कर रहे थे रवीश कुमार दूसरा नाम सहजनवां क्षेत्र के रामपुर धड़तौली गांव निवासी रवीश कुमार का है। रवीश पिछले करीब छह महीने से नेपाल के त्रिशूली क्षेत्र में रहकर काम कर रहे थे। उनके लापता होने की जानकारी उनके भाई अजय कुमार ने फोन के माध्यम से प्रशासन को दी। इसके बाद रवीश की भी तलाश और उनके संबंध में जानकारी जुटाने का काम शुरू किया गया है। चौरी चौरा के अभिजीत सिंह सुरक्षित लापता लोगों की सूची में तीसरा नाम चौरी चौरा क्षेत्र के नेवानी गांव निवासी अभिजीत सिंह का सामने आया था। अभिजीत के दोस्त रॉबिन ने उनके लापता होने की जानकारी दी थी। हालांकि, प्रशासन की जांच-पड़ताल के बाद अभिजीत सिंह के संबंध में राहत की खबर सामने आई। जांच में पता चला कि अभिजीत सुरक्षित हैं। इस तरह गोरखपुर से सामने आए तीन नामों में फिलहाल दो लोगों की तलाश जारी है। नेपाल में 270 और तिब्बत में तीन लोगों की मौत नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बुधवार सुबह आई अचानक बाढ़ से तबाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मृतकों की संख्या 273 तक पहुंच गई है। इनमें नेपाल में 270 और तिब्बत में तीन लोगों की मौत हुई है। वहीं, करीब 1,500 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल में ही 900 से ज्यादा लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें 32 देशों के करीब 525 विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं। 288 भारतीयों से संपर्क नहीं भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल में मौजूद 288 भारतीयों से अब तक संपर्क नहीं हो पाया है। इनमें 73 लोग त्रिशूली-1 पावर प्रोजेक्ट में काम करते हैं। राहत की बात यह है कि अब तक 21 भारतीयों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। वहीं, तिब्बत में फंसे करीब 200 भारतीयों से भी लगातार संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। करीब 1,500 लोगों के लापता होने से बढ़ी चिंता अचानक आई बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने से राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। नेपाल और तिब्बत में प्रभावित इलाकों में प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लोगों की तलाश में जुटी हैं। गोरखपुर के भी दो लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आने के बाद उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से दोनों के बारे में अधिक जानकारी जुटाने और उनकी स्थिति का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *