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बलरामपुर में सादुल्लानगर पुलिस ने नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगाने, धर्म परिवर्तन और दुष्कर्म के आरोप में वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने करीब 10 महीने बाद पीड़िता को सकुशल बरामद कर आरोपी को जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, 22 जुलाई 2025 को थाना सादुल्लानगर क्षेत्र की एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने बताया था कि उसकी नाबालिग बेटी को श्यामू नाम का युवक शादी का झांसा देकर अपने साथ ले गया है। इस मामले में तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। विवेचना के दौरान पुलिस को मिले साक्ष्यों के आधार पर श्यामू का नाम मुकदमे से हटा दिया गया। इसके बाद गोंडा के ग्राम बढ़या, थाना खोडारे निवासी गयासुद्दीन उर्फ साहिल का नाम मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आया। जांच में पीड़िता के साथ दुष्कर्म और धर्म परिवर्तन कराने के आरोप भी सामने आए। इन आरोपों के मद्देनजर मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(2)(m), पॉक्सो एक्ट की धारा 5एल/6 और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/5 जोड़ी गई। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में थानाध्यक्ष सत्येंद्र वर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी गयासुद्दीन उर्फ साहिल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि पीड़िता को गोंडा के ग्राम गुर्रा कोल्हीगरीब, थाना खोडारे से सकुशल बरामद किया गया। आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि शुरुआती रिपोर्ट में जिस युवक पर अपहरण का आरोप लगाया गया था, विवेचना और साक्ष्यों के आधार पर उसका नाम हटा दिया गया। पीड़िता के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर गयासुद्दीन उर्फ साहिल को मुख्य आरोपी बनाया गया। आरोपी को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक महेंद्र कुमार यादव, उपनिरीक्षक कपिल देव यादव, कांस्टेबल हरि गोविंद, कांस्टेबल उमेश कुमार और महिला कांस्टेबल सीता गुप्ता शामिल थीं।
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नाबालिग को बहलाकर भगाने, दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार:बलरामपुर में 10 महीने बाद पीड़िता सकुशल बरामद, धर्म परिवर्तन का भी आरोप