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दुनिया भर के सेहत वेलनेस इंडस्ट्री ने अब नई माताओं को अपना निशाना बनाया है। प्रसव के बाद महिलाओं के शरीर और दिमाग में होने वाले बदलावों का फायदा उठाकर कंपनियां कीमती विटामिंस और लाखों रुपए के आलीशान स्पा पैकेज बेच रही हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि नई माताओं को महंगे सामान से ज्यादा सही जानकारी और सामाजिक सहयोग की जरूरत है। पिछले साल तक उद्योग का फोकस पीरियड्स बंद होने (मेनोपॉज) की उम्र वाली महिलाओं पर था, जिनकी सालाना संख्या दुनियाभर में 2.7 करोड़ है। इसके मुकाबले हर साल 13 करोड़ महिलाएं बच्चों को जन्म देती हैं, जो इस बाजार के लिए कमाई का कहीं बड़ा जरिया हैं। माताओं को महंगे सामान नहीं, सहयोग की जरूरत सोशल नेटवर्क एक‘पीनट’ की मिशेल कैनेडी के मुताबिक माताओं को महंगे उत्पादों से ज्यादा सामाजिक सहयोग चाहिए। इसके लिए वे ‘मैट्रेसेंस’ (मातृत्व-परिवर्तन) शब्द को डिक्शनरी में शामिल कराने का वैश्विक अभियान चला रही हैं। आलीशान होटलों में नई माताओं की देखभाल एशिया-दक्षिण अमेरिका की सस्ती घरेलू देखभाल के उलट अमेरिका और यूरोप के महंगे होटलों में मातृत्व-आरामगाह का चलन बढ़ा है। न्यूयॉर्क, मालदीव और पेरिस के आलीशान होटलों में नई माताओं के लिए 2.6 लाख रुपए तक के महंगे स्पा की मांग 80% तक बढ़ गई है। आक्रामक विज्ञापनों से लुभाने की कोशिश महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. अब्बे वेन के अनुसार डिलीवरी के बाद शरीर की अंदरूनी रिकवरी बहुत जरूरी है। चार्लेस्टन की कोर्टनी को इन विटामिंस से फायदा हुआ, लेकिन न्यू जर्सी की हेल्थ एक्सपर्ट एंड्रिया पार्क का कहना है कि कंपनियां माताओं के इस खर्चीले समय का फायदा उठाकर उन्हें अपने आक्रामक विज्ञापनों के जाल में फंसाने की कोशिश कर रही हैं।
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नया बाजार: हर साल 13 करोड़ महिलाएं मां बनती हैं:नई माताओं पर इंडस्ट्री की नजर, महंगे पैकेज बेच रहीं