दो साल पहले मानसिक रोग से ग्रस्त थी प्रियंका बिस्वास:पुलिस के हाथ लगे प्रियंका की बीमारी के कुछ साक्ष्य, जांच में नया बिंदु शामिल


सदर तेली मोहल्ले की रहने वाली प्रियंका को काला पीलिया हुआ था या नहीं, इसको लेकर पुलिस जांच जारी है लेकिन यह स्पष्ट हो चुका है कि वह मानसिक रोग से भी जूझ रही थी, जिसका उपचार शहर के एक जाने माने चिकित्सक से चल रहा था। पुलिस के हाथ कुछ प्रिस्क्रिप्शन लगे हैं जो प्रियंका के हैं और उसकी बीमार होने की गवाही दे रहे हैं। इन प्रिस्क्रिप्शन पेपर के सामने आने के बाद पूरी कहानी मानसिक रोग और काला पीलिया के बीच उलझ गई है। कंकाल के रूप में मिला था प्रियंका का शव मूलरूप से बंगाल की रहने वाली प्रियंका बिस्वास अपने पिता उदय भानु बिस्वास के साथ सदर के तेली मोहल्ले में रह रही थी। 11 अप्रैल की देर शाम प्रियंका का शव बेहद बुरी अवस्था में बंद मकान के भीतर से बरामद हुआ। लगभग चार महीने से प्रियंका का शव मकान में बंद था, जो कंकाल का रूप ले चुका था। पिता ने कहा- काला पीलिया से हुई मौत
प्रियंका के शव को उसके पिता उदय भानु बिस्वास की निशानदेही पर बरामद किया गया था। उसने रिश्तेदारों को बताया था कि वह देहरादून है। यह भी बताया कि प्रियंका को काला पीलिया हुआ है और वहीं के अस्पताल में उसका उपचार करा रहा है। इसी दौरान कुछ रिश्तेदारों ने उदय भानु को बेगमबाग से पकड़ा, जिसके बाद पूरी कहानी खुलकर सामने आ गई। झाड़ फूंक करने वाले ने की थी पुष्टि
अभी तक पुलिस प्रियंका की मौत को काला पीलिया से जोड़कर देख रही थी। दरअसल, पिता ने बताया था कि वह बेटी का झाड़फूंक करने वाले से उपचार करा रहा था। पुलिस ने उस व्यक्ति से पूछताछ कर पुष्टि तक कर दी थी। उसने भी झाड़फूंक की बात स्वीकारी थी। दो चीजों पर पुलिस का रहा फोकस
अभी तक पुलिस दोनों का ट्रैवलिंग रिकार्ड तलाश रही थी। इसके बाद पुलिस का फोकस दो चीजों पर आकर रुक गया। पुलिस उदय भानु बिस्वास की मानसिक स्थिति को खराब मानकर उसकी काउंसलिंग की तैयारी कर रही है। इसके अलावा पुलिस यह स्पष्ट करने में जुटी है कि अंदर से मिला शव प्रियंका का है। इसके लिए दोनों के DNA की जांच कराई जा रही है। अब जानिए मौत में नया अपडेट
दैनिक भास्कर ने मंगलवार को कुछ बिंदुओं को अपनी ओर से जांच में शामिल किया। इसमें प्रमुख बिंदु प्रियंका की बीमारी से जुड़ा है। दरअसल, पुलिस को प्रियंका की बीमारी से जुड़े दो प्रिस्क्रिप्शन मिले हैं। एक प्रिस्क्रिप्शन MD मेडिसिन का है तो दूसरा शहर के बड़े न्यूरोलॉजिस्ट में शुमार डाक्टर का। एक प्रिस्क्रिप्शन से साफ पता चलता है कि प्रियंका किसी गंभीर मानसिक रोग से जूझ रही थी। अब सवाल यह है कि कहीं इसी मानसिक रोग के चलते तो प्रियंका का तांत्रिक से उपचार नहीं कराया जा रहा था। जिस अब काला पीलिया का नाम दिया जा रहा है। पिता के दिल में छिपा मौत का राज उदय भानु बिस्वास की मानसिक स्थिति पर भी पुलिस को संशय है लेकिन हालात इससे इतर इशारा कर रहे हैं। बेटी की मौत के बाद समय समय पर उदय भानु बिस्वास अपने घर आया और दुर्गंध ना फैले, इसके लिए परफ्यूम छिड़क कर चला गया। उसके शातिर दिमांग का इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह जानता था कि अगर दुर्गंध को रोकना है तो घर में कूड़ा भरना होगा। ताकि दुर्गंध कूड़े में दबकर रह जाए। दूसरा महत्वपूर्ण प्वाइंट यह है कि वह पेंशन के सिलसिले में यहां आया था जिससे स्पष्ट होता है कि वह मानसिक रूप से पूरी तरह फिट है। पढ़ने में बेहद होशियार थी प्रियंका दैनिक भास्कर ने अपनी पड़ताल को थोड़ा आगे बढ़ाया। टीम वेस्टर्न रोड स्थित मॉडर्न पब्लिक स्कूल पहुंची, जहां प्रियंका ने कुछ साल पहले लगभग छह माह तक बच्चों को पढ़ाया था। स्कूल के प्रबंधक हबीब खान की मानें तो स्कूल के पास रहने वाले प्रियंका के एक रिश्तेदार ने ही उसे स्कूल में लगवाया था। पढ़ाई के लिहाज से वह बहुत होशियार थी लेकिन एक अजीब सी खामोशी भी दिखती थी। उसने यह कहकर स्कूल छोड़ा था कि वह MCA की पढ़ाई करना चाहती है।

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