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देवरिया में 27 वर्षीय मजदूर मनीराम की शुक्रवार रात महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल की इमरजेंसी में इलाज के दौरान मौत हो गई। उसमें डेंगू जैसे लक्षण थे। मनीराम बघौचघाट क्षेत्र के एक ईंट-भट्ठे पर अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ ईंट बनाने का काम करता था। उसकी पत्नी सीमा और दोनों बच्चे भी कई दिनों से बुखार से पीड़ित हैं। मनीराम झारखंड के हजारीबाग जिले के उरैज थाना क्षेत्र के पइका गांव का रहने वाला था। परिजनों ने बताया कि वह बघौचघाट क्षेत्र के ईंट-भट्ठे पर परिवार के साथ रह रहा था। कुछ दिनों से उसकी तबीयत खराब थी और वह सीएचसी पथरदेवा में इलाज करा रहा था। जब उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और उसमें डेंगू के लक्षण दिखे, तो डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। मनीराम को मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। हालांकि, डेंगू वार्ड तक पहुंचने से पहले ही इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार, मृतक में डेंगू के लक्षण थे, लेकिन मौत की असली वजह मेडिकल जांच के बाद ही साफ होगी। मनीराम की पत्नी सीमा और दोनों बच्चे भी कई दिनों से बुखार से पीड़ित थे। उन्हें भी डेंगू के लक्षणों के आधार पर मेडिकल कॉलेज के डेंगू वार्ड में भर्ती कराया गया था। मनीराम की मौत के बाद ईंट-भट्ठा मालिक तीनों को निजी अस्पताल में इलाज कराने की बात कहकर अपने साथ ले गया। डेंगू वार्ड के नोडल अधिकारी डॉ. विजय गुप्त ने बताया कि मृतक की पत्नी को लक्षणों के आधार पर डेंगू वार्ड में भर्ती किया गया था। बाद में उसे भर्ती कराने वाले लोग निजी अस्पताल में इलाज कराने की बात कहकर अपने साथ ले गए। उन्होंने यह भी बताया कि इमरजेंसी में डेंगू के लक्षण वाले संभावित मरीज की मौत होने की जानकारी शुक्रवार सुबह मिली थी। यह मरीज डेंगू वार्ड में नहीं आया था।
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देवरिया में डेंगू के लक्षण वाले मजदूर की मौत:पत्नी और दो बच्चे भी बुखार से पीड़ित, परिवार ईंट-भट्ठे पर रहता था