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मऊ जिले में पांच साल पुराने दुष्कर्म के एक मामले में मंगलवार को कोर्ट ने फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम सीएडब्ल्यू दीपनारायण तिवारी ने आरोपी को दोषी करार देते हुए दस साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी को दस वर्ष के कठोर कारावास के साथ दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया। यह भी स्पष्ट किया गया कि अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह घटना पांच वर्ष पूर्व कोतवाली नगर क्षेत्र अंतर्गत हुई थी। इस संबंध में वर्ष 2021 में स्थानीय कोतवाली में आरोपी के खिलाफ दुराचार, मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी से संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी सीएडब्ल्यू राजेश कुमार पाण्डेय ने मामले में दस गवाहों को प्रस्तुत किया। उन्होंने अभियोजन कथानक को संदेह से परे साबित किया, जिसके बाद अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम दीपनारायण तिवारी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। सभी दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने दोहरीघाट थाना क्षेत्र के अतरसावां निवासी अमित कुमार उर्फ मुन्ना को दोषी ठहराया। हालांकि, अन्य आरोपित धाराओं में आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया।
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दुष्कर्म दोषी को 10 साल का कठोर कारावास:मऊ में पांच साल पुराने मामले में कोर्ट ने सुनाया फैसला, 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया