दलित परिवारों ने जमीन पर कब्जे का आरोप लगाया:पुलिस-प्रशासन की उदासीनता से परेशान होकर DM कार्यालय पहुंचे


कानपुर देहात में दो दलित परिवार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की कथित उदासीनता से परेशान होकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि 25 साल पहले खरीदी गई उनकी जमीन पर कुछ दबंग जबरन कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि कई शिकायतों के बावजूद पुलिस और प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। यह मामला डेरापुर तहसील के रूरा थाना क्षेत्र स्थित बेनीगांव मजरा बनीपारा जिनई गांव का है। पीड़ित लक्ष्मी श्री (पत्नी देवी प्रसाद) और सर्वेंद्र सिंह (पुत्र जगदीश नारायण) ने बताया कि उनके परिवारों ने वर्ष 2000 में गांव निवासी रमजानी से प्लॉट खरीदे थे। बाद में विक्रेता के वारिस मोहम्मद आसिफ ने वर्ष 2025 में दोनों परिवारों के नाम विधिवत पक्की रजिस्ट्री भी कर दी थी। पीड़ितों का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी जमीन पर निर्माण कार्य शुरू कराया, तो गांव के कुछ दबंग वहां पहुंच गए। इन दबंगों ने कथित तौर पर निर्माण कार्य रुकवा दिया, दीवार गिराने की धमकी दी और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ितों का कहना है कि आरोपियों के पास किसी भी अदालत का स्थगन आदेश नहीं है, फिर भी निर्माण कार्य खुलेआम रोक दिया गया। दोनों परिवारों ने बताया कि उन्होंने संपूर्ण समाधान दिवस सहित कई बार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन उनकी फरियाद पर कोई सुनवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि शिकायतें केवल कागजों तक ही सीमित रहीं, जिसका फायदा उठाकर दबंग लगातार जमीन पर कब्जे का प्रयास कर रहे हैं। कार्रवाई न होने से निराश होकर, दोनों दलित परिवार मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने अधिकारियों से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, उनके निर्माण कार्य को सुरक्षा प्रदान करने और जमीन पर अवैध कब्जे के प्रयासों को रोकने की मांग की है। इस मामले में डीएम कपिल सिंह ने जांच करा कर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही है हालांकि, यह सवाल उठता है कि जब पक्की रजिस्ट्री होने के बावजूद शिकायतकर्ताओं को न्याय के लिए महीनों तक अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, तो आम लोगों को समय पर न्याय कैसे मिलेगा।

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