![]()
थायरॉइड हार्मोन का असंतुलन केवल शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि आंखों की सेहत पर भी गंभीर असर डाल सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार थायरॉइड हार्मोन का स्तर बढ़ने पर करीब 20 प्रतिशत मरीजों में आंखों से जुड़ी समस्याएं देखने को मिलती हैं। ऐसे मरीजों में आंखों का बाहर निकलना, लालपन, सूजन, दोहरी दृष्टि और आंखों की मांसपेशियों के कार्य में बाधा जैसी शिकायतें हो सकती हैं। यह जानकारी सोमवार को SGPGI के एंडोक्राइनोलॉजी विभाग की ओर से आयोजित एक कार्यशाला में एम्स रायबरेली के विशेषज्ञ डॉ. मधुकर मित्तल ने दी। उन्होंने कहा कि ऐसे लक्षण दिखाई देने पर मरीजों को तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए, ताकि समय रहते इलाज शुरू किया जा सके। नवजातों की स्क्रीनिंग को बताया जरूरी
डॉ. मधुकर मित्तल ने जन्मजात हाइपोथायरायडिज्म की समय पर पहचान के लिए नवजात शिशुओं की अनिवार्य स्क्रीनिंग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच से बीमारी का जल्द पता लगाकर बच्चों को भविष्य में होने वाली जटिलताओं से बचाया जा सकता है। देशभर में लागू हो नवजात जांच कार्यक्रम
एम्स पटना के डॉ. सिद्धनाथ सुधांशु ने कहा कि कई देशों में जन्म के 48 घंटे के भीतर नवजात शिशुओं की थायरॉइड जांच अनिवार्य है। भारत में यह व्यवस्था अभी सीमित स्तर पर लागू है। गुजरात, गोवा और केरल जैसे कुछ राज्यों में इसकी शुरुआत हो चुकी है, लेकिन इसे पूरे देश में लागू करने की आवश्यकता है।
Source link
'थायरॉइड बढ़ने से आंखों पर भी असर':20% मरीजों में दिखती हैं नेत्र संबंधी समस्याएं, विशेषज्ञों ने दी जांच की सलाह