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बलरामपुर में न्यायालय ने प्रशासनिक लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए उप जिला मजिस्ट्रेट (एसडीएम) तुलसीपुर को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया है। विशेष सत्र न्यायाधीश सुमित प्रेमी ने निर्धारित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत न करने पर नाराजगी जताई। एसडीएम को 13 अप्रैल को कोर्ट में पेश होकर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। यह मामला तुलसीपुर नगर की निवासी शांति देवी द्वारा दायर परिवाद से संबंधित है। शांति देवी ने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपनी जमीन पर पिलर निर्माण के दौरान कुछ लोगों ने जातिसूचक गालियां दीं और काम में बाधा डाली। उन्होंने 28 मई 2024 को घर से बर्तन और बक्से से 2500 रुपये चोरी होने का भी आरोप लगाया था। वहीं, आरोपित पक्ष के अधिवक्ता रविंद्र यादव ने इन आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि जातिसूचक टिप्पणी का आरोप गलत है और वास्तव में सार्वजनिक मार्ग पर अवैध कब्जे का प्रयास किया जा रहा था। आदेश का पालन नहीं किया न्यायालय ने 19 मार्च 2026 को एसडीएम तुलसीपुर को इस मामले में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। हालांकि, इस आदेश का पालन नहीं किया गया। इसी के चलते अदालत ने अब एसडीएम को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब देने का सख्त आदेश जारी किया है।
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तुलसीपुर SDM को कोर्ट में पेश होने का आदेश:अदालत ने रिपोर्ट न देने पर जताई नाराजगी, मांगा स्पष्टीकरण