ताजमहल में जलाभिषेक की मांग पर सुनवाई आज:वादी का दावा- यह ताजमहल नहीं शिव मंदिर है, आगरा में 2 साल पहले दर्ज हुआ था वाद


ताजमहल में सावन के दौरान जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और पूजा-अर्चना की अनुमति मांगने वाले मामले में बुधवार, 12 अगस्त को सुनवाई होगी। यह मामला अदालत बदलने के कारण पिछली सुनवाई पर आगे नहीं बढ़ सका था। अब इसकी सुनवाई अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन)-सप्तम रजत शुक्ला की अदालत में होगी। मामले में सैयद इब्राहिम हुसैन जैदी की ओर से पक्षकार बनने के लिए दायर अर्जी पर भी सुनवाई होनी है। वादी का दावा- ताजमहल मूल रूप से तेजोमहालय कुंवर अजय तोमर का दावा है कि ताजमहल मूल रूप से ‘तेजोमहालय’ नाम का भगवान शिव का मंदिर था। इसी दावे के आधार पर उन्होंने जलाभिषेक और पूजा-अर्चना की अनुमति मांगी है। हालांकि ताजमहल को तेजोमहालय या शिव मंदिर बताए जाने का दावा एएसआई और स्थापित ऐतिहासिक अभिलेखों में स्वीकार नहीं किया गया है। यह मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है और इस पर कोई न्यायिक फैसला नहीं आया 23 जुलाई 2024 को दायर हुआ था वाद योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर अजय तोमर ने 23 जुलाई 2024 को अधिवक्ताओं के माध्यम से यह वाद दायर किया था। इसमें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और भारत संघ को प्रतिवादी बनाया गया है। याचिका में सावन माह के दौरान ताजमहल में जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और अन्य हिंदू पर्वों पर पूजा-अर्चना की अनुमति देने की मांग की गई है। पहले लघुवाद न्यायालय में चल रहा था मामला मामले की सुनवाई पहले लघुवाद न्यायालय में चल रही थी। 10 जुलाई को सैयद इब्राहिम हुसैन जैदी की पक्षकार बनने की अर्जी पर सुनवाई होनी थी, लेकिन अदालत बदलने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। इसके बाद अगली तारीख 12 अगस्त तय की गई। 5 मई की सुनवाई में 9 जुलाई की तारीख लगी थी इससे पहले 5 मई को हुई सुनवाई में सैयद इब्राहिम हुसैन जैदी के अधिवक्ता रईसुद्दीन ने ऑपरेशन के चलते समय मांगा था। अदालत ने प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए 9 जुलाई की तारीख तय की थी। बाद में मामला दूसरी अदालत में स्थानांतरित हो गया। 23 फरवरी को लगा था 300 रुपए जुर्माना मामले की 23 फरवरी 2026 को हुई सुनवाई में अदालत ने सैयद इब्राहिम हुसैन जैदी पर वाद की नकल बार-बार मांगने के मामले में 300 रुपए का जुर्माना लगाया था। एएसआई से भी की गई है पूजा की मांग वादी कुंवर अजय तोमर ने एएसआई के अधीक्षण पुरातत्वविद को पत्र देकर सावन माह के चारों सोमवार को हिंदू श्रद्धालुओं के लिए ताजमहल में निशुल्क प्रवेश और पूजा-अर्चना की अनुमति देने की मांग भी की थी। उनका तर्क है कि यदि उर्स और ईद के अवसर पर विशेष व्यवस्था की जा सकती है तो सावन के सोमवार को भी श्रद्धालुओं के लिए सुविधा दी जानी चाहिए। है।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *