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डिफेंडिंग चैंपियन इगा स्वियातेक और वर्ल्ड नंबर-2 एलीना रायबाकिना ने लंदन में खेली जा रही विंबलडन टेनिस चैंपियनशिप के तीसरे दौर में जगह बना ली है। लेडीज सिंगल्स कैटेगरी में पोलैंड की स्टार इगा ने कैरोलिना प्लिस्कोवा को 69 मिनट में सीधे सेटों में 6-1, 6-3 से हराया। जबकि, कजाकिस्तान की रायबाकिना ने अमेरिका की कैटी मैकनेली को महज 71 मिनट में 6-1, 6-2 से शिकस्त दी। मेंस सिंगल्स कैटेगरी में आर्थर फेरी ने फिनलैंड के ओटो विर्तानेन को 5-7, 7-6, 6-3, 6-3 से हराया। वे राउंड-3 में ब्रिटिश के इकलौते खिलाड़ी हैं। शेष शुरुआती राउंड से ही बाहर हो गए हैं। इस कैटेगरी के अन्य मुकाबलों में बुल्गारिया के ग्रिगोर दिमित्रोव ने चेक रिपब्लिक के जाकुब मेन्सिक को 4 सेटों के कड़े मुकाबले में मात दी। जहां उनका सामना इटली के माटेओ बेरेटिनी से होगा। स्वियातेक ने कहा- मैं अपने प्रदर्शन से खुश हूं मैच के बाद स्वियातेक ने कहा, ‘आज मैं काफी स्थिर महसूस कर रही थी। पहला दौर बहुत इमोशनल था, लेकिन आज ऐसा लगा जैसे यह ऑफिस का कोई आम दिन हो, जहां मुझे सही फैसले लेने थे। मैं अपने इस प्रदर्शन और फोकस से बेहद खुश हूं।’ रायबाकिना का मैच मर्टेंस से होगा कजाकिस्तान की 2022 विंबलडन चैंपियन एलीना रायबाकिना ने सेंटर कोर्ट पर अमेरिका की कैटी मैकनेली को महज 71 मिनट में शिकस्त दी। उन्हें पहले राउंड के मैच में फ्रांस की लोइस बोइसन के खिलाफ 3 सेट संघर्ष करना पड़ा था। लेकिन उन्होंने दूसरे दौर में कोई गलती नहीं की। अब तीसरे दौर में उनका सामना बेल्जियम की एलिस मर्टेंस से होगा। आर्थर फेरी ब्रिटेन की आखिरी उम्मीद 23 साल के आर्थर इस चैंपियनशिप में ब्रिटेन की आखिरी उम्मीद हैं। उनका जन्म पेरिस में फ्रांसीसी माता-पिता के घर हुआ था, लेकिन जब वे बहुत छोटे थे, तभी उनका परिवार विंबलडन में आकर बस गया था। फेरी ने बचपन में करीब 10 साल की उम्र तक फ्रांस का प्रतिनिधित्व किया था, लेकिन इसके बाद वे ब्रिटेन के टेनिस सिस्टम (LTA) में शामिल हो गए। कैलिफोर्निया की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से साइंस और टेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने वाले फेरी अब पूरी तरह ब्रिटिश बन चुके हैं। फेरी ने अपनी इस कामयाबी पर कहा- ‘मैं इसी विंबलडन टूर्नामेंट को देखते हुए बड़ा हुआ हूं। बचपन में खिलाड़ियों की नकल करता था और आज यहां मैच जीत रहा हूं, यह अहसास अद्भुत है। अब मैं खुद को दिल से पूरी तरह ब्रिटिश महसूस करता हूं।’ फेरी की मां ओलिविया खुद फ्रांस की पूर्व फेड कप खिलाड़ी रही हैं और पिता लोइक फ्रांस के फुटबॉल क्लब लोरिएंट के मालिक हैं। ग्रिगोर दिमित्रोव ने जाकुब मेन्सिक को हराकर अगले दौर में जगह बनाई 35 साल के ग्रिगोर दिमित्रोव ने 15वीं वरीयता प्राप्त जाकुब मेन्सिक को 7-6, 4-6, 7-5, 6-3 से हराकर अगले दौर में जगह बना ली। मैच के दौरान बारिश की वजह से कोर्ट की छत बंद करनी पड़ी। इस दौरान दिमित्रोव को पिछले साल की याद आ गई, जब वह सेंटर कोर्ट पर जैनिक सिनर के खिलाफ मुकाबले में चोटिल होकर बाहर हो गए थे। जीत के बाद दिमित्रोव ने कहा,’मैंने चार-पांच बार ऊपर छत की ओर देखा। मुझे लगा कि इतिहास खुद को दोहरा सकता है, लेकिन अब वह सब पीछे छूट चुका है। विंबलडन में मुझे जो प्यार मिलता है, वही इसे मेरे लिए खास बनाता है। ब्रिटिश डबल्स जोड़ियों का निराशाजनक प्रदर्शन जहां सिंगल्स में आर्थर फेरी ने ब्रिटेन की उम्मीदों को जिंदा रखा, वहीं डबल्स कोर्ट से घरेलू फैंस के लिए मायूसी हाथ लगी। केटी बुल्टार और हीथर वाटसन की जोड़ी ने दूसरे सेट के टाई-ब्रेकर में 4 मैच पॉइंट बचाए, लेकिन आखिरकार वे पोलैंड की कतारजाइना पीटर और चेक रिपब्लिक की अन्ना सिस्कोवा से 6-4, 6-7, 6-3 से हार गईं। इसके अलावा ओलिविया निकोल्स, जोडी बरेज और हैरियट डार्ट समेत सभी छह ब्रिटिश महिला डबल्स जोड़ियां पहले ही दौर में हारकर बाहर हो गईं। हालांकि मेन्स डबल्स में हेनरी पैटन और नील स्कुप्सकी जैसे शीर्ष खिलाड़ियों ने दूसरे दौर में जगह बना ली है। ———————————————
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डिफेंडिंग चैंपियन स्वियातेक और रायबाकिना विंबलडन के तीसरे दौर में:आर्थर फेरी अकेले ब्रिटिश खिलाड़ी बचे, दिमित्रोव भी जीते