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रायबरेली। जनपद की डलमऊ तहसील क्षेत्र के गौरा हरदो ग्राम सभा में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का मामला गरमा गया है। मंगलवार को ग्राम प्रधान अनुराग कुमार ‘प्रसून’ दीक्षित के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने उप जिलाधिकारी (SDM) डलमऊ पर अवैध कब्जे को संरक्षण देने का आरोप लगाया। ग्राम प्रधान अनुराग दीक्षित ने मीडिया को बताया कि ग्राम सभा की गाटा संख्या 1336 ख और 1337, जो तालाब और बंजर के रूप में दर्ज हैं, पर भू-माफिया लाल मनऊ और अयोध्या प्रसाद द्वारा अवैध कब्जा किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस अवैध निर्माण को डलमऊ के उप जिलाधिकारी का संरक्षण प्राप्त है। प्रधान के अनुसार, यह जमीन मुख्य मार्ग (डामर रोड) के किनारे स्थित है और इसकी कीमत करोड़ों में है। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि जब भी उन्होंने इस अवैध कब्जे का विरोध किया, प्रशासन ने उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें ही प्रताड़ित किया। प्रधान ने आरोप लगाया कि पूर्व में इस मुद्दे को उठाने पर उप जिलाधिकारी के निर्देश पर उन्हें धारा 151 के तहत जेल भेज दिया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि तहसील स्तर पर सुनवाई न होने के कारण उन्हें जिलाधिकारी की शरण में आना पड़ा है। दूसरी ओर, उप जिलाधिकारी सत्येंद्र सिंह ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन नियमानुसार कार्य कर रहा है और किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को बढ़ावा नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर ही कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उप जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि यह विवाद चुनावी रंजिश से जुड़ा है और विवादित भूमि पर 80 लोगों का कब्जा है, जिसमें दो पक्ष चुनावी रंजिश को लेकर आमने-सामने हैं। जिलाधिकारी से मुलाकात के बाद ग्रामीणों ने मांग की है कि तत्काल प्रभाव से अवैध निर्माण रुकवाया जाए। ग्राम प्रधान ने चेतावनी दी है कि यदि 5 दिनों के भीतर ग्राम सभा की जमीन को कब्जा मुक्त नहीं कराया गया, तो वे अपने समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठने को विवश होंगे।
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डलमऊ SDM के खिलाफ DM कार्यालय पर प्रदर्शन:रायबरेली में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के संरक्षण का आरोप, SDM ने नकारा